{"_id":"5d51b48b8ebc3e6ca72d6527","slug":"agrecutural-ganna-kisan-agra-news-agr4007598129","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना समिति के किसानों का सत्यापन, निकली बड़ी गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना समिति के किसानों का सत्यापन, निकली बड़ी गड़बड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जिले में गन्ना माफियाओं की सक्रियता सामने आने के बाद विभाग ने बड़े स्तर पर जांच कराई है। जांच के लिए गठित टीमों ने समिति के पंजीकृत किसानों का सत्यापन किया। प्रथम दृष्टया बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। दो हजार से अधिक किसानों की पर्चियां संदेह के घेरे में हैं।
शासन ने तराई क्षेत्र में गन्ना माफियाओं की सक्रियता की जांच कराई है। जिले में प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि चार सौ से अधिक किसान गन्ना माफियाओं से संाठ गांठ कर गन्ने के बिचौलिये बने हुए थे। जांच टीमों ने पाया कि गन्ना समिति में पंजीकरण कराने वाले किसानों ने बड़ी हेराफेरी की है। दो हजार से अधिक जालसाजी कर गन्ना बिक्री की पर्ची के लिए पंजीकरण कराने वाले मिले। संदेह के घेरे में आए ऐसे किसानों की पर्चियां विभाग निरस्त करने की तैयारी कर चुका है। किसानों के भूमि संबंधी सभी उल्लेख विभाग ने मांगे हैं। तहसीलस्तर से जुटाए सभी अभिलेखों से संदिग्ध किसानों के भूलेखों का मिलान किया जाएगा। इसके अलावा गन्ना विभाग के विशेषज्ञों ने गांव गांव पहुंच खेतों में गन्ने की फसल का हाल जाना है।
- 3725 किसानों ने गन्ना समिति में कराया था पंजीकरण।
- 7000 से अधिक किसान अब तक पाए गए वैध।
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तय किया गया है गन्ना पैदावार का लक्ष्य।
- गन्ना समिति में पंजीकृत किसानों की जांच कराई जा रही है। तमाम किसान संदेह के घेरे में हैं। भूलेखों से मिलान न होने पर उनके पंजीकृत रद्द कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन
शासन ने तराई क्षेत्र में गन्ना माफियाओं की सक्रियता की जांच कराई है। जिले में प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि चार सौ से अधिक किसान गन्ना माफियाओं से संाठ गांठ कर गन्ने के बिचौलिये बने हुए थे। जांच टीमों ने पाया कि गन्ना समिति में पंजीकरण कराने वाले किसानों ने बड़ी हेराफेरी की है। दो हजार से अधिक जालसाजी कर गन्ना बिक्री की पर्ची के लिए पंजीकरण कराने वाले मिले। संदेह के घेरे में आए ऐसे किसानों की पर्चियां विभाग निरस्त करने की तैयारी कर चुका है। किसानों के भूमि संबंधी सभी उल्लेख विभाग ने मांगे हैं। तहसीलस्तर से जुटाए सभी अभिलेखों से संदिग्ध किसानों के भूलेखों का मिलान किया जाएगा। इसके अलावा गन्ना विभाग के विशेषज्ञों ने गांव गांव पहुंच खेतों में गन्ने की फसल का हाल जाना है।
विज्ञापन
- 3725 किसानों ने गन्ना समिति में कराया था पंजीकरण।
- 7000 से अधिक किसान अब तक पाए गए वैध।
- 11752 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तय किया गया है गन्ना पैदावार का लक्ष्य।
- गन्ना समिति में पंजीकृत किसानों की जांच कराई जा रही है। तमाम किसान संदेह के घेरे में हैं। भूलेखों से मिलान न होने पर उनके पंजीकृत रद्द कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
- ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।