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UP: कंबोडिया के आलीशान दफ्तर का काला सच...जिसमें दी जाती थी साइबर ठगी की ट्रेनिंग, 3 एजेंट की तलाश में पुलिस
Sat, 20 Sep 2025 08:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 20 Sep 2025 08:10 AM IST
सार
कंबोडिया में ले जाकर युवकों को बंधक बनाने और साइबर ठगी की ट्रेनिंग दिलाने वाले तीन एजेंट की पुलिस तलाश में जुटी हुई है।
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युवक सांकेतिक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के मलपुरा के युवकों को नाैकरी का झांसा देकर कंबोडिया ले जाकर बंधक बनाकर रखा गया था। उनसे जबरन साइबर क्राइम कराया जाता था। इसके लिए आलीशान ऑफिस में बुलाया जाता था। अलग-अलग लोगों से बात कराई जाती थी। साइबर क्राइम के लिए इन्कार करने पर उत्पीड़न किया जाता था। युवकों को अपने दस्तावेज वापस मांगने पर डराया जाता था। इस बारे में पीड़ितों ने पुलिस को बताया है। उधर, पुलिस ने तीन एजेंट चिह्नित कर लिए हैं। वो लोगों को सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाने का काम करते थे। अब उनकी तलाश की जा रही है।
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मलपुरा के दो युवकों को बैंकाक के रास्ते कंबोडिया भेजा गया था। उन्हें एक कंपनी में अच्छी नाैकरी के सपने दिखाए गए थे। मगर उनके दस्तावेज जब्त कर लिए गए। इसके बाद साइबर ठगी कराई गई। भारत से कई और युवाओं से इसी तरह का काम कराया गया। जो लोग साइबर क्राइम से इन्कार करते थे, उन्हें परेशान किया जाता था। दोनों युवक 3-3 लाख रुपये देने के बाद मुक्त हुए थे। इसके बाद घर आ सके थे। उनके परिजन ने कर्ज लिया था।
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एक युवक ने बताया कि उन्हें परेशान किया था। पुलिस को एक आरोपी के बारे में बता दिया है। उधर, मामले की पड़ताल एडीसीपी आदित्य सिंह को दी गई है। उन्होंने टीम को लगाया है। पुलिस साइबर क्राइम में शामिल सभी लोगों की पड़ताल में लगी है। एजेंट सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया करते थे। जो लोग काल करते थे, उनको जाल में फंसाया जाता था। उनसे 3 से 4 लाख रुपये लिए जाते थे। इसके बाद विदेश भेज दिया जाता था। जब तक उन्हें हकीकत पता चलती थी, बहुत देर हो चुकी होती है। युवा एक बार जाल में फंसने के बाद कुछ नहीं कर पाते हैं।