आगरा: बुखार से दो मासूमों सहित चार ने तोड़ा दम, बहू की मौत के सदमे से ससुर की गई जान
आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। एक महीने में 50 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। कारण गांव में जगह-जगह जलभराव की समस्या खत्म न होना है। इससे मच्छरों का प्रकोप है। बीमारियां फैल रही हैं।
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गांव चंडीगढ़शाला के मुकेश ने बताया कि उनके छह माह के बेटे बिट्टू को शुक्रवार शाम करीब चार बजे तेज बुखार आया था। घरवाले स्याहीपुरा और फतेहाबाद ले गए। वहां से आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान बिट्टू की मौत हो गई।
सतर्कता: 10 दिन और संवेदनशील, बुखार का प्रकोप बढ़ने की आशंका, आगरा में अब तक 50 बच्चों की हुई है मौत
वहीं गांव रीठई निवासी दुर्गेश पुत्र दशरथ सिंह को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन झोलाछाप से दवा दिला रहे थे। शुक्रवार शाम हालत ज्यादा खराब होने पर आगरा ले जाते समय रास्ते में ही दुर्गेश की मौत हो गई।
इसी तरह दलईपुरा निवासी संत किशोर पुत्र मोहकम सिंह को करीब 10 दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को परिजनों ने आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से शुक्रवार को डॉक्टर ने दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली में इलाज के दौरान संत किशोर की मौत हो गई।
बुखार से विवाहिता की गई जान, सदमे में ससुर की मौत
शनिवार को जैतपुर के गढीरंपुरा गांव में बुखार से पीड़ित सौरवी (22) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस सदमे में ससुर की भी सांसें थम गईं। एक ही दिन में परिवार की बहू और ससुर की मौत से कोहराम मच गया।
परिजनों के मुताबिक गढीरंपुरा निवासी नरायन सिंह की पत्नी सौरवी देवी (22) को चार दिन से बुखार आ रहा था। उसे आगरा के एक निजी अस्पताल में ले गए। परिजनों के अनुसार वहां के डॉक्टरों ने डेंगू होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद हालत बिगड़ने पर परिजन आगरा के निजी अस्पताल से सौरवी को जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में ले गए। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार को शाम 4 बजे सौरवी की मौत हो गई। इधर मौत की खबर सुनकर ससुर प्रभुदयाल (65) की सदमे से हालत बिगड़ गई।
जिन्हें इलाज के लिए शनिवार को सुबह बाह सीएचसी परिजन लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सीएचसी बाह के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि परिजन प्रभुदयाल को मृत अवस्था में सीएचसी पर लेकर आए थे।