Agra University: स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में 1 लाख से अधिक सीटें रहेंगी खाली, जानें वजह
स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में 84 हजार छात्र-छात्राओं ने वेब पंजीकरण कराया है, जबकि स्नातक स्तर बीए में 1,04,398 और बीएससी में 72,710 सीटें, बीकॉम में 15,894 सीटें हैं। इससे प्रवेश अपेक्षाकृत कम होने की आशंका है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों व आवासीय इकाई के संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में 1 लाख से अधिक सीटें खाली रहेंगी। 31 जुलाई को विश्वविद्यालय के स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वेब पंजीकरण की प्रक्रिया बंद कर दी गई। अभी करीब 84 हजार छात्र-छात्राओं ने वेब पंजीकरण कराया है। जबकि बीए में ही 1,04,398 सीटें हैं। इससे प्रवेश अपेक्षाकृत कम होने की आशंका है।
विश्वविद्यालय में 31 जुलाई तक स्नातक पाठ्यक्रम में करीब 70 हजार और परास्नातक पाठ्यक्रमों में करीब 14 हजार छात्र-छात्राओं ने वेब पंजीकरण कराया है। वेब पंजीकरण के अनुरूप करीब एक चौथाई छात्र-छात्राएं प्रवेश नहीं लेते हैं। 31 जुलाई तक बीए में प्रवेश के लिए महज 27,290 छात्राओं ने, बीएससी के लिए 17,655 ने, बीकॉम के लिए 6839 ने, बीएससी कृषि के लिए 3512 ने, बीबीए के लिए 2285 ने, बीसीए के लिए 1281, बीएएलएलबी के लिए 1315 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फॉर्म भरा है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों व संस्थानों में बीए में 1,04,398, बीएससी में 72,710, बीकॉम में 15,894, बीएससी कृषि में 4280, बीबीए में 3300, बीसीए में 2790 सीटें हैं। अभी तक किसी भी पाठ्यक्रम में सीट के अनुपात में 50 फीसदी आवेदन भी नहीं हुए हैं। विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. मनु प्रताप सिंह का कहना है कि अंतिम अंतिम वर्ष के सभी पाठ्यक्रमों के परिणाम अभी नहीं आए हैं, परास्नातक में वेब पंजीकरण व प्रवेश बढ़ेगा। वेब पंजीकरण की प्रक्रिया स्नातक और परास्नातक स्तर पर दोबारा शुरू की जा रही है, संख्या और बढ़ेगी। गत वर्षों में भी सभी सीटें नहीं भर पा रही थीं। एडेड कॉलेजों की सीटें भर जाती हैं, सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की खाली रह जाती हैं।
स्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों की सीटों का ब्योरा ही दिया
प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि अभी उनके पास स्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों की सीटों का ब्योरा है। अस्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों का ब्योरा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नहीं दिया गया है। अस्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों की संख्या आने के बाद सीटें और बढ़ जाएंगी।