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बीएड फर्जीवाड़ाः हाईकोर्ट के हवाले डिग्रीधारकों का भविष्य, एसआईटी ने दी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 13 Oct 2017 09:16 AM IST
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अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
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डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में जांच कर रही एसआईटी ने हाईकोर्ट के सामने पूरा ब्योरा रख दिया है। इसमें बताया गया है कि विवि. से 2003-04 की बीएड की लगभग 4000 फर्जी डिग्रियां जारी की गई।
इनका पूरा विवरण कुलपति को दिया जा चुका है लेकिन उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया है। एसआईटी ने इन डिग्रीधारकों केनाम, पते, रोल नंबर बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी सौंप दिए हैं। बताया गया है कि इन डिग्रीधारकों में से दो हजार से ज्यादा सहायक अध्यापक नियुक्त हो चुके हैं। उन पर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
एसआईटी दो साल से इस प्रकरण की जांच कर रही है। 2003-04 में बीएड की लगभग 8000 सीटें थी। 82 निजी कालेजों ने अपनी मर्जी से निजी कोटा बढ़ाकर दाखिले दे दिए गए। इसके चलते कुल 12000 दाखिले हो गए।
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इनका पूरा विवरण कुलपति को दिया जा चुका है लेकिन उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया है। एसआईटी ने इन डिग्रीधारकों केनाम, पते, रोल नंबर बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी सौंप दिए हैं। बताया गया है कि इन डिग्रीधारकों में से दो हजार से ज्यादा सहायक अध्यापक नियुक्त हो चुके हैं। उन पर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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एसआईटी दो साल से इस प्रकरण की जांच कर रही है। 2003-04 में बीएड की लगभग 8000 सीटें थी। 82 निजी कालेजों ने अपनी मर्जी से निजी कोटा बढ़ाकर दाखिले दे दिए गए। इसके चलते कुल 12000 दाखिले हो गए।
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परीक्षा आठ हजार ने ही दी, लेकिन निजी कालेजों के दबाव में विवि. ने चार हजार फर्जी मार्कशीट भी जारी कर दीं। इस तरह सभी 12000 को मार्कशीट जारी कर दी गई। जो 8000 असली मार्कशीट थी, उनमें 60 फीसदी से ज्यादा अंक नहीं हैं। इसके विपरीत जो 4000 फर्जी हैं, उनमें 75 फीसदी से कम नहीं है।
ये बोले कुलपति
नतीजा यह हुआ कि फर्जी वालों को नौकरी आसानी से मिली। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट के साथ विवि. कुलपति को फर्जी डिग्री का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया था लेकिन कुलपति डा. अरविन्द दीक्षित ने कह दिया था कि जांच हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही है।
इसलिए वह अपने स्तर से कार्रवाई नहीं कर सकते। उनका कहना था कि हाईकोर्ट का आदेश होगा तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी ने फर्जी डिग्रियां निरस्त कराने के लिए कहा था। एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कुलपति का रवैया देखकर हाईकोर्ट के सामने पूरा ब्योरा रख दिया है। अब इस पर सुनवाई का इंतजार है।
इसलिए वह अपने स्तर से कार्रवाई नहीं कर सकते। उनका कहना था कि हाईकोर्ट का आदेश होगा तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी ने फर्जी डिग्रियां निरस्त कराने के लिए कहा था। एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कुलपति का रवैया देखकर हाईकोर्ट के सामने पूरा ब्योरा रख दिया है। अब इस पर सुनवाई का इंतजार है।