{"_id":"7e6f73e64c7442230f59a8c014499fc5","slug":"agra-s-people-struck-nepal-s-earthquake-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल में फंसे हैं धनौली, अजीजपुर, टपरा दर्जनों जूता कारीगर, परिवारों में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल में फंसे हैं धनौली, अजीजपुर, टपरा दर्जनों जूता कारीगर, परिवारों में मचा कोहराम
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Apr 2015 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल में भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं। भारत सरकार मदद भेजने के साथ भारतीयाें को वतन वापस लाने की हर संभव कोशिश कर रही है। इन्हीं में धनौली, टपरा और अजीजपुर के दर्जनों जूता कारीगर भी फंसे हुए हैं। यह लोग रोजी रोटी की तलाश में वहां गए थे। सोमवार को किसी तरह फोन लगा तो बताया कि जिंदा हैं, निकलने का कोई रास्ता नहीं है, वे भूखे, प्यासे हैं। यह सुनकर परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
- टपरा निवासी हाकिम सिंह का भतीजा मनोज पुत्र प्रेमपाल वहां जूता फैक्ट्री में काम करता है। हाकिम सिंह की सोमवार को सुबह 10 बजे मनोज से हुई बात हुई। मनोज फोन पर बोला, ‘नेपाल टोल, न्यू रोड काठमांडू स्थित रन शू फैक्ट्री तहसनहस हो गई है। फैक्ट्री मालिक मुक्ति पनेरू, तेज बहादुर और रुद्र कुमार का कोई पता नहीं है। बिना पहचान पत्र के भारत लौटने नहीं दिया जा रहा है।’
- धनौली निवासी जूता कारीगर राहुल के पिता बच्चू सिंह ने बताया कि भूकंप आने पर उनका बेटा अन्य लोगों के साथ फैक्ट्री से बाहर निकलकर खेत में पहुंचे थे, तभी फैक्ट्री की इमारत गिर गई। मालिक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके पास पैसे नहीं हैं।
विज्ञापन
- धनौली निवासी राधे ने फोन पर बताया है कि वह काठमांडू एयरपोर्ट के पास पहुंच गए हैं। वहां करीब 10 हजार से ज्यादा लोग मौजूद हैं। हिंदुस्तान वापसी का कोई जरिया नहीं दिखाई दे रहा है। अब तो भगवान भरोसे हैं कि परिवार से मुलाकात होगी या नहीं।
विज्ञापन
- टपरा निवासी हाकिम सिंह का भतीजा मनोज पुत्र प्रेमपाल वहां जूता फैक्ट्री में काम करता है। हाकिम सिंह की सोमवार को सुबह 10 बजे मनोज से हुई बात हुई। मनोज फोन पर बोला, ‘नेपाल टोल, न्यू रोड काठमांडू स्थित रन शू फैक्ट्री तहसनहस हो गई है। फैक्ट्री मालिक मुक्ति पनेरू, तेज बहादुर और रुद्र कुमार का कोई पता नहीं है। बिना पहचान पत्र के भारत लौटने नहीं दिया जा रहा है।’
विज्ञापन
- धनौली निवासी जूता कारीगर राहुल के पिता बच्चू सिंह ने बताया कि भूकंप आने पर उनका बेटा अन्य लोगों के साथ फैक्ट्री से बाहर निकलकर खेत में पहुंचे थे, तभी फैक्ट्री की इमारत गिर गई। मालिक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके पास पैसे नहीं हैं।
विज्ञापन
- धनौली निवासी राधे ने फोन पर बताया है कि वह काठमांडू एयरपोर्ट के पास पहुंच गए हैं। वहां करीब 10 हजार से ज्यादा लोग मौजूद हैं। हिंदुस्तान वापसी का कोई जरिया नहीं दिखाई दे रहा है। अब तो भगवान भरोसे हैं कि परिवार से मुलाकात होगी या नहीं।