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राष्ट्रमंडल खेल: 15 साल पहले मिली थी एमजी रोड-2 की सौगात, इस बार मेजबानी करेगा अहमदाबाद
Fri, 28 Nov 2025 09:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 28 Nov 2025 09:30 AM IST
सार
राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी जब दिल्ली को मिली थी, तो आगरा को एमजी रोड-2 की सौगात मिली। इस बार अहमदाबाद 2030 में खेलों की मेजबानी करेगा।
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एमजी रोड-2
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
15 साल बाद फिर एक बार भारत राष्ट्रमंडल खेलों का गवाह बनेगा। अहमदाबाद 2030 में खेलों की मेजबानी करेगा। वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के कारण आगरा को एमजी रोड-2 की सौगात मिली थी। करीब 14 किमी. लंबा यह जिला मुख्यालय को जयपुर और दिल्ली हाईवे से जोड़ने वाला अकेला मार्ग है।
कलेक्ट्रेट से पुलिस लाइन, पंचकुइंया, कोठी मीना बाजार, साकेत कॉलोनी, मारुति एस्टेट, बोदला होते हुए मघटई से शास्त्रीपुरम होकर आगरा-दिल्ली हाईवे को जोड़ता है। बोदला-बिचपुरी रोड से वायु विहार होकर यह एमजी रोड-2 फतेहपुर सीकरी होकर जयपुर हाईवे को जोड़ता है। 2010 में इस सड़क का प्रस्ताव दिल्ली से आगरा आने वाले खिलाड़ियों की सहूलियत के लिए रखा गया था। तब भगवान टॉकीज होकर हरीपर्वत, धाकरान, कलेक्ट्रेट से प्रतापपुरा तक सिर्फ पुरानी एमजी रोड थी। इस पर वाहनों का जाम प्रमुख समस्या है।
एमजी रोड के विकल्प के तौर पर लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को तैयार किया था। इन 15 वर्षों में एमजी रोड-2 पर यातायात पांच गुना तक बढ़ गया है। 2010 में इस मार्ग से प्रतिदिन 10 से 20 हजार वाहन गुजरते थे। इनकी संख्या अब 50 से 75 हजार तक हो गई है। अमरपुरा से मघटई मोड़ तक इस मार्ग पर नया डिवाइडर बनाया जा रहा है। मारुति एस्टेट से बोदला तक यह मार्ग मॉडल रोड घोषित है।
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कलेक्ट्रेट से पुलिस लाइन, पंचकुइंया, कोठी मीना बाजार, साकेत कॉलोनी, मारुति एस्टेट, बोदला होते हुए मघटई से शास्त्रीपुरम होकर आगरा-दिल्ली हाईवे को जोड़ता है। बोदला-बिचपुरी रोड से वायु विहार होकर यह एमजी रोड-2 फतेहपुर सीकरी होकर जयपुर हाईवे को जोड़ता है। 2010 में इस सड़क का प्रस्ताव दिल्ली से आगरा आने वाले खिलाड़ियों की सहूलियत के लिए रखा गया था। तब भगवान टॉकीज होकर हरीपर्वत, धाकरान, कलेक्ट्रेट से प्रतापपुरा तक सिर्फ पुरानी एमजी रोड थी। इस पर वाहनों का जाम प्रमुख समस्या है।
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एमजी रोड के विकल्प के तौर पर लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को तैयार किया था। इन 15 वर्षों में एमजी रोड-2 पर यातायात पांच गुना तक बढ़ गया है। 2010 में इस मार्ग से प्रतिदिन 10 से 20 हजार वाहन गुजरते थे। इनकी संख्या अब 50 से 75 हजार तक हो गई है। अमरपुरा से मघटई मोड़ तक इस मार्ग पर नया डिवाइडर बनाया जा रहा है। मारुति एस्टेट से बोदला तक यह मार्ग मॉडल रोड घोषित है।
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