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बिल्लोचपुरा में भी ‘कैराना’ सी दहशत
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:57 PM IST
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विहिप नेता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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शामली के कैराना और कांधला जैसे हालात शहर में भी हैं। समुदाय विशेष के दबंगों की दहशत के चलते लोग पुश्तैनी घर तक को औने-पौने दामों में बेचकर पलायन कर गए हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अपने दावे के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से ऐसे परिवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें बिल्लोचपुरा क्षेत्र के लगभग 27 हिंदू परिवारों के पलायन का दावा किया है। तमाम परिवार क्षेत्र छोड़ने की तैयारी में हैं। इधर, लोहामंडी क्षेत्र से पिछले पांच सालों में पलायन कर चुके साढ़े तीन सौ से अधिक हिंदू परिवारों की तलाश जारी है।
शुक्रवार को विहिप ऐसे ही कुछ चेहरों को सामने लेकर आया। इनका कहना है कि इज्जत बचाने के लिए उन्हें क्षेत्र छोड़ना पड़ा। अधिकांश विवाद से बचने के लिए कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
बता दें कि विहिप की स्थानीय इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों से पलायन करने वाले परिवारों की सूची बनाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, दिग्विजय नाथ तिवारी, विनोद शर्मा बिल्लोचपुरा क्षेत्र पहुंचे। उनके साथ ऐसे लोग भी थे, जो पलायन कर चुके थे।
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वर्ष 2011 और वर्तमान वोटर लिस्ट के आधार पर उन्होंने लोगों से पूछताछ की। आवास विकास सेक्टर 16 निवासी सुनील का कहना है कि चार साल पहले उन्हें असुरक्षा के चलते बिल्लोचपुरा में अपना पैतृक घर बेचना पड़ा था। कहते हैं कि पिछले कुछ सालों से गली के मोड़ पर ही कुछ लोग बहू-बेटियों के निकलने पर टेढ़ी नजर रखने लगे थे। माहौल बिगाड़ने वालों को एक-दो बार टोका तो झगड़े की नौबत आ गई। इस घुटन में जीना मुश्किल हो गया, आखिर में यहां से जाना ही पड़ा। सुनील की तरह इस क्षेत्र से पलायन कर चुके और भी कई लोग साथ थे। उन्होंने खुलकर न सही पर इतना जरूर कहा कि कई साल उन्होंने दहशत में गुजारे हैं। अब आवाज उठाते हैं तो दबंग परेशान करेंगे, साथ ही पुलिस-प्रशासन तमाम सवालों को लेकर उनके पीछे पड़ जाएगा।
बिल्लोचपुरा निवासी एक व्यक्ति ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि अब माहौल पहले जैसा नहीं रहा। समुदाय विशेष के कुछ लोग दबंगई करते हैं। यहां से जाना चाहते हैं, लेकिन घर के रेट सही नहीं मिल रहे। कहीं परिवार पर आफत न टूट जाए, इसलिए शिकायत भी नहीं करते।
पलायन करने वाले परिवारों की सूची
मकान नंबर नाम
42/328 पद्म कुमार
42/329 लक्ष्मणदास
42/331 हरगुनदास
42/332 मोहनदास
42/250 निर्भयराम
42/253 वीरभान
42/256 रमाशंकर
42/272 बुद्धमल
42/290 दयाराम
42/291 भूरी सिंह
42/301 टेकचंद
42/303 रेशुमल
इसी तरह से अमरनाथ, हरप्रसाद, राजेश, ढमरू सिंह, धर्मवीर, राधाकृष्ण, साहब सिंह, गेंदूमल, बाबूराम, सुनहरीलाल, विजेंद्र सिंह, बृजेश रजत, जानकी देवी, सोनू, बीके कटार के नाम सूची में शामिल हैं।
ये भी हैं विहिप की टीम में
पलायन करने वालों के सर्वे कराने वाली विहिप की टीम में बजरंग दल के प्रांत सहसंयोजक राकेश त्यागी, विहिप महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, राजीव शर्मा, रवि दुबे, बंटी ठाकुर आदि हैं।
विहिप लगभग हर रोज विभिन्न क्षेत्रों से पलायन करने वाले परिवारों की सूची जारी करेगी। बिल्लोचपुरा से ही 150 से अधिक हिंदू परिवार क्षेत्र छोड़ चुके हैं। 27 परिवारों से संपर्क हो गया है, शेष की तलाश जारी है।
सुनील पाराशर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विहिप
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शुक्रवार को विहिप ऐसे ही कुछ चेहरों को सामने लेकर आया। इनका कहना है कि इज्जत बचाने के लिए उन्हें क्षेत्र छोड़ना पड़ा। अधिकांश विवाद से बचने के लिए कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
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बता दें कि विहिप की स्थानीय इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों से पलायन करने वाले परिवारों की सूची बनाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, दिग्विजय नाथ तिवारी, विनोद शर्मा बिल्लोचपुरा क्षेत्र पहुंचे। उनके साथ ऐसे लोग भी थे, जो पलायन कर चुके थे।
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वर्ष 2011 और वर्तमान वोटर लिस्ट के आधार पर उन्होंने लोगों से पूछताछ की। आवास विकास सेक्टर 16 निवासी सुनील का कहना है कि चार साल पहले उन्हें असुरक्षा के चलते बिल्लोचपुरा में अपना पैतृक घर बेचना पड़ा था। कहते हैं कि पिछले कुछ सालों से गली के मोड़ पर ही कुछ लोग बहू-बेटियों के निकलने पर टेढ़ी नजर रखने लगे थे। माहौल बिगाड़ने वालों को एक-दो बार टोका तो झगड़े की नौबत आ गई। इस घुटन में जीना मुश्किल हो गया, आखिर में यहां से जाना ही पड़ा। सुनील की तरह इस क्षेत्र से पलायन कर चुके और भी कई लोग साथ थे। उन्होंने खुलकर न सही पर इतना जरूर कहा कि कई साल उन्होंने दहशत में गुजारे हैं। अब आवाज उठाते हैं तो दबंग परेशान करेंगे, साथ ही पुलिस-प्रशासन तमाम सवालों को लेकर उनके पीछे पड़ जाएगा।
बिल्लोचपुरा निवासी एक व्यक्ति ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि अब माहौल पहले जैसा नहीं रहा। समुदाय विशेष के कुछ लोग दबंगई करते हैं। यहां से जाना चाहते हैं, लेकिन घर के रेट सही नहीं मिल रहे। कहीं परिवार पर आफत न टूट जाए, इसलिए शिकायत भी नहीं करते।
पलायन करने वाले परिवारों की सूची
मकान नंबर नाम
42/328 पद्म कुमार
42/329 लक्ष्मणदास
42/331 हरगुनदास
42/332 मोहनदास
42/250 निर्भयराम
42/253 वीरभान
42/256 रमाशंकर
42/272 बुद्धमल
42/290 दयाराम
42/291 भूरी सिंह
42/301 टेकचंद
42/303 रेशुमल
इसी तरह से अमरनाथ, हरप्रसाद, राजेश, ढमरू सिंह, धर्मवीर, राधाकृष्ण, साहब सिंह, गेंदूमल, बाबूराम, सुनहरीलाल, विजेंद्र सिंह, बृजेश रजत, जानकी देवी, सोनू, बीके कटार के नाम सूची में शामिल हैं।
ये भी हैं विहिप की टीम में
पलायन करने वालों के सर्वे कराने वाली विहिप की टीम में बजरंग दल के प्रांत सहसंयोजक राकेश त्यागी, विहिप महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, राजीव शर्मा, रवि दुबे, बंटी ठाकुर आदि हैं।
विहिप लगभग हर रोज विभिन्न क्षेत्रों से पलायन करने वाले परिवारों की सूची जारी करेगी। बिल्लोचपुरा से ही 150 से अधिक हिंदू परिवार क्षेत्र छोड़ चुके हैं। 27 परिवारों से संपर्क हो गया है, शेष की तलाश जारी है।
सुनील पाराशर, प्रदेश उपाध्यक्ष, विहिप