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ताजमहल में रॉयल गेट को हुआ ये नुकसान, खूबसूरती में लगा ग्रहण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगर
Updated Tue, 06 Mar 2018 08:44 PM IST
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टूटा हुआ पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
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370 साल पहले तामीर किए गए ताजमहल पर उस वक्त बड़ा हादसा बचा, जब रॉयल गेट पर करीब 60 फुट ऊंचाई से लाल पत्थर नीचे आ गिरा।
जिस जगह पत्थर गिरा, वहां गाइडों का ब्यौरा रजिस्टर में लिखा जाता है। पत्थर गिरते समय नीचे कोई नहीं था। प्रवेश द्वार से गुजर रहे सैलानी पत्थर गिरने की तेज आवाज से डर गए।
मंगलवार दोपहर ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार ‘रॉयल गेट’ पर फोरकोर्ट की ओर कैलीग्राफी के ऊपर लगा लाल पत्थर नीचे गिर पड़ा। करीब एक वर्ग फुट का पत्थर गिरने से इसके टुकड़े दूर तक पहुंचे।
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जिस जगह पत्थर गिरा, वहां गाइडों का ब्यौरा रजिस्टर में लिखा जाता है। पत्थर गिरते समय नीचे कोई नहीं था। प्रवेश द्वार से गुजर रहे सैलानी पत्थर गिरने की तेज आवाज से डर गए।
मंगलवार दोपहर ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार ‘रॉयल गेट’ पर फोरकोर्ट की ओर कैलीग्राफी के ऊपर लगा लाल पत्थर नीचे गिर पड़ा। करीब एक वर्ग फुट का पत्थर गिरने से इसके टुकड़े दूर तक पहुंचे।
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यहीं सू टूटा पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
जहां यह पत्थर गिरा, ठीक उसके नीचे एएसआई कर्मचारी रजिस्टर में गाइडों, फोटोग्राफरों का ब्यौरा दर्ज कराते हैं। यहां हमेशा ही चार से पांच लोग रहते हैं, लेकिन गनीमत रही कि पत्थर गिरते वक्त कोई भी मौजूद नहीं था।
हाल में ही रॉयल गेट पर इनले वर्क का संरक्षण कराया गया है। एएसआई ने संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद रॉयल गेट पर इनले वर्क से गायब हुए काले और सफेद पत्थरों को लगवाया है।
पूर्व में भूकंप के दौरान और उसके बाद कई बार रॉयल गेट के इनले वर्क में लगे पत्थर निकलकर गिर चुके थे। ताजमहल के संरक्षण सहायक अंकित नामदेव के मुताबिक लोहे की क्लैंप में जंग लगने से यह फूल गई, जिससे पत्थर अपनी जगह से निकल गया।
हाल में ही रॉयल गेट पर इनले वर्क का संरक्षण कराया गया है। एएसआई ने संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद रॉयल गेट पर इनले वर्क से गायब हुए काले और सफेद पत्थरों को लगवाया है।
पूर्व में भूकंप के दौरान और उसके बाद कई बार रॉयल गेट के इनले वर्क में लगे पत्थर निकलकर गिर चुके थे। ताजमहल के संरक्षण सहायक अंकित नामदेव के मुताबिक लोहे की क्लैंप में जंग लगने से यह फूल गई, जिससे पत्थर अपनी जगह से निकल गया।