फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   agra range cyber cell refunded the amount of cyber fraud in agra

पुलिस ने वापस कराए 1.45 करोड़ रुपये: साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें ये काम, बच सकती है रकम

Mon, 23 Aug 2021 12:30 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 23 Aug 2021 12:30 PM IST
सार

साइबर अपराधी किसी को कॉल करके ठग रहे हैं तो किसी का एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रकम ट्रांसफर कर रहे हैं। ऐसे में सावधान रहें। 

विज्ञापन
agra range cyber cell refunded the amount of cyber fraud in agra
साइबर सुरक्षा (सांकेतिक तस्वीर)

विस्तार

आपका लोन पास हो गया है। खाते में रकम ट्रांसफर की जा रही है। खाते की जानकारी और ओटीपी बता दो। आगरा के खंदारी की एक रेस्टोरेंट संचालक पूजा गुप्ता से इसी तरह जानकारी लेकर खाते से 55 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने खाते से ट्रांसफर रकम को होल्ड कराकर उनके खाते में वापस करा दिया। 

विज्ञापन


आगरा में यह कोई पहला मामला नहीं है। साइबर अपराधी किसी को कॉल करके ठग रहे हैं तो किसी का एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रकम ट्रांसफर कर रहे हैं। अगर, आगरा रेंज की बात करें तो 287 लोग इस साल सात महीने में वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं। जिन लोगों ने जल्द पुलिस को सूचना दी, उनके 1.45 करोड़ रुपये पुलिस ने वापस करा दिए।
विज्ञापन


आईजी रेंज नवीन अरोरा के मुताबिक, साइबर अपराधी रोजाना नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। उनका मकसद सिर्फ खाते की जानकारी लेकर रकम ट्रांसफर करना होता है। कॉल करके बैंक, बीमा, फाइनेंस और पीएफ कर्मचारी बताते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

खाते में रकम भेजने का झांसा देकर जानकारी लेते हैं। इसके बाद खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं। एटीएम कार्ड बदलकर और क्लोन कार्ड बनाकर भी खाते साफ कर रहे हैं। ठगी का शिकार ग्रामीण ही नहीं, जानकार लोग भी हो रहे हैं। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।  

तुरंत करें शिकायत 
आईजी ने बताया कि कई बार लोग साइबर सेल तक आने में देरी कर देते हैं। इसका फायदा साइबर अपराधियों को मिलता है। साइबर अपराधी एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। इसके लिए ई वॉलेट का प्रयोग किया जाता है।  

धोखाधड़ी की जानकारी 10 से 25 मिनट में ही साइबर सेल और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिल जाती है तो रकम को काफी हद तक वापस कराया जा सकता है। ई वॉलेट और खाते में लेन-देन को रोककर रकम को को बचाया जा सकता है। इससे ही सात महीने में लोगों के 1.45 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं।

रात 12 से पहले व बाद में निकालते हैं दो बार में रकम
पुलिस के मुताबिक, अपराधी रात में 12 बजे से पहले व बाद में दो बार में रकम निकालते हैं। अगर, किसी खाते से रकम निकालने की लिमिट एक दिन की 20 से 25 हजार होती है तो वह रात में 11:55 पर एक बार रकम निकालेंगे, जबकि दूसरी बार में 12:01 बजे रकम निकालेंगे। 

इससे साइबर ठग दो दिन के ट्रांजेक्शन के बराबर तकरीबन 40 से 50 हजार रुपये बैंक खाते से निकाल लेंगे। शनिवार और रविवार को रकम ज्यादा निकाली जाती है। रविवार को छुट्टी होती है। इससे कई बार लोग खाता ब्लॉक नहीं कर पाते हैं। 

ये है रेंज का आंकड़ा
जनपद/यूनिट/थाना       खुलासा          गिरफ्तारी               बरामद धनराशि/संपत्ति 
आगरा                         73                  26                    14.34 लाख रुपये और छह लैपटॉप
मथुरा                          47                  05                     36.28 लाख रुपये 
फिरोजाबाद                  31                  00                    10.21 लाख रुपये
मैनपुरी                         35                 09                     11.13 लाख रुपये
साइबर क्राइम यूनिट        08                00                     31.03 लाख रुपये
साइबर थाना                   94                16                     40.20 लाख रुपये
कुल                               287             56                      1.45 करोड़ और छह लैपटॉप
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed