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UP पुलिस ने लूट की वारदात को ऐसे बना दिया गुमशुदगी का मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 06 Mar 2018 09:08 PM IST
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up police
- फोटो : अमर उजाला
अागरा में ताजनगरी फेज-2 के रहने वाले अंकित अस्थाना से सोमवार शाम को संजय प्लेस में मोबाइल फोन लूट लिया गया। हरीपर्वत थाना पुलिस ने इस घटना को गुमशुदगी में दर्ज किया है।
उसने लूट की तहरीर दी थी। इसे पुलिस ने लेने से इंकार कर दिया। उससे कहा कि यह लिखकर दो कि मोबाइल खो गया है, तब दर्ज करेंगे। यह भी कहा गया है कि पहले बिल लेकर आओ, तब रिपोर्ट लिखी जाएगी। उससे चक्कर कटवाए गए।
अंकित अस्थाना सिक्योरिटी गार्ड है। आटो से भगवान टाकीज के लिए जा रहा था। संजय प्लेस में जैसे ही उतरा, वैसे ही बाइकर्स गैंग के बदमाश आ गए। उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन ले गए।
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उसने लूट की तहरीर दी थी। इसे पुलिस ने लेने से इंकार कर दिया। उससे कहा कि यह लिखकर दो कि मोबाइल खो गया है, तब दर्ज करेंगे। यह भी कहा गया है कि पहले बिल लेकर आओ, तब रिपोर्ट लिखी जाएगी। उससे चक्कर कटवाए गए।
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अंकित अस्थाना सिक्योरिटी गार्ड है। आटो से भगवान टाकीज के लिए जा रहा था। संजय प्लेस में जैसे ही उतरा, वैसे ही बाइकर्स गैंग के बदमाश आ गए। उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन ले गए।
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वह तुरंत हरीपर्वत थाने पहुंचा। उसका कहना है कि उसने लूट की घटना बताई लेकिन पुलिस बदमाशों का पीछा करने के लिए नहीं गई। उससे कहा कि मोबाइल का बिल लेकर आओ, तब रिपोर्ट लिखी जाएगी।
इसके बाद गुमशुदगी की तहरीर लिखवाकर मोहर लगाकर दे दी। वह बुधवार को फिर से थाने पहुंचा। इस बार इंस्पेक्टर से मिला। लूट की तहरीर दी।
गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दिखाई। यह भी बताया कि वह लूट दर्ज कराना चाहता है। इस पर पुलिस ने उससे दूसरी तहरीर लेकर रख ली लेकिन रात तक इस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद गुमशुदगी की तहरीर लिखवाकर मोहर लगाकर दे दी। वह बुधवार को फिर से थाने पहुंचा। इस बार इंस्पेक्टर से मिला। लूट की तहरीर दी।
गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दिखाई। यह भी बताया कि वह लूट दर्ज कराना चाहता है। इस पर पुलिस ने उससे दूसरी तहरीर लेकर रख ली लेकिन रात तक इस पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसी तरह किया जा रहा खेल
पिछले दिनों हरीपर्वत में ही पुलिस ने मोबाइल लुटेरों का गिरोह पकड़ा था। 17 मोबाइल बरामद किए गए लेकिन उनमें से रिपोर्ट दर्ज मिली थी सिर्फ तीन की।
इसका यही कारण रहा कि पुलिस मोबाइल लूट को गुमशुदगी में दर्ज कर रही है। बदमाशों को इसका बड़ा फायदा मिल रहा है। केस कम होते हैं तो जमानत में भी आसानी रहती है। जितने केस हों, उतने में ही जमानत करानी पड़ती है।
इसका यही कारण रहा कि पुलिस मोबाइल लूट को गुमशुदगी में दर्ज कर रही है। बदमाशों को इसका बड़ा फायदा मिल रहा है। केस कम होते हैं तो जमानत में भी आसानी रहती है। जितने केस हों, उतने में ही जमानत करानी पड़ती है।