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यूपी: 30 साल बाद जेल से निकला नरसंहार का दोषी, ‘मैं आ लिया फिर से...', वायरल हुआ वीडियो; पुलिस ने बताई सच्चाई
Tue, 01 Sep 2026 09:43 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:43 PM IST
सार
मेरठ के बहुचर्चित भीकुंड-इकवारा नरसंहार में 30 साल की सजा पूरी कर रिहा हुए श्रीराम जाटव का वीडियो वायरल होने के बाद आगरा पुलिस ने जांच की। यह देखा गया कि वीडियो कहां बनाए गए हैं। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बंदी ने 30 साल की सजा पूरी की थी।
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नरसंहार के दोषी की रिहाई का वीडियो वायरल
- फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
मेरठ के हस्तिनापुर के बहुचर्चित भीकुंड- इकवारा नरसंहार में 30 साल की सजा पूरी करने के बाद छूटे श्रीराम जाटव के जुलूस का वीडियो वायरल होने पर आगरा पुलिस हरकत में आ गई। मामले में जांच कराई गई। पुलिस का दावा है कि स्वागत का वीडियो वायरल हुआ था। जुलूस निकालने की पुष्टि नहीं हुई।
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सोशल मीडिया पर वायरल 18 सेकंड की रील में श्रीराम जाटव केंद्रीय कारागार से बाहर निकलता नजर आ रहा है। उसके साथ तीन से चार लोग भी नजर आ रहे हैं। रील में गाना भी बज रहा है कि "मैं आ लिया मैं फिर से, अब नाश करूंगा थारा, मैं तो जाटव जेल से छुटके, यो खबर छपी अखबारों में मारूंगा तने मारूंगा...।" वीडियो में वह एक कार के रूफ टाप पर खड़ा हुआ है।
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गले में माला पड़ी हुई हैं। जेल के बाहर ही महिलाएं और अन्य लोग भी नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने जांच की। यह देखा गया कि वीडियो कहां बनाए गए हैं। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बंदी ने 30 साल की सजा पूरी की थी। इसके बाद वो रिहा हुआ था। इस दाैरान कुछ लोगों ने वीडियो बनाए। जुलूस निकालने की बात सामने नहीं आई है।
यह था मामला
हस्तिनापुर निवासी श्रीराम जाटव का परिवार अब मेरठ में रहता है। हस्तिनापुर खाद क्षेत्र में श्रीराम गैंग और किरोड़ी गुर्जर गैंग के बीच वर्चस्व की जंग चल रही थी। किरोड़ी गुर्जर गैंग ने वर्ष 1997 में इकवारा के जंगल में जाति विशेष के छह लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके बदले में श्रीराम उर्फ सिरया ने जनवरी 1997 में भीकुंड गांव में एक चौपाल पर गोलियां बरसाकर छह लोगों की हत्या कर दी थी। उसे निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 30 सितंबर को हाईकोर्ट में अपील की गई जिसने निचली अदालत की सजा को बरकरार रखा।
हस्तिनापुर निवासी श्रीराम जाटव का परिवार अब मेरठ में रहता है। हस्तिनापुर खाद क्षेत्र में श्रीराम गैंग और किरोड़ी गुर्जर गैंग के बीच वर्चस्व की जंग चल रही थी। किरोड़ी गुर्जर गैंग ने वर्ष 1997 में इकवारा के जंगल में जाति विशेष के छह लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके बदले में श्रीराम उर्फ सिरया ने जनवरी 1997 में भीकुंड गांव में एक चौपाल पर गोलियां बरसाकर छह लोगों की हत्या कर दी थी। उसे निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 30 सितंबर को हाईकोर्ट में अपील की गई जिसने निचली अदालत की सजा को बरकरार रखा।