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सिपाही की सुइसाइड में आया नया मोड़, परिजन ने पुलिस को बताया ये राज
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 15 Nov 2017 02:37 PM IST
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अक्षय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में थाना ताजगंज की विभव नगर चौकी पर तैनात सिपाही की मौत को पुलिस ने आत्महत्या मान लिया है। इसका कारण शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। इसमें मृत्यु का कारण हैंगिंग यानी लटकना आया है। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि उसने जान क्यों दी।
न तो कोई सुसाइड नोट मिला और न ही उसके मोबाइल फोन से कोई जानकारी मिली। मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया गया था। पुलिस को उम्मीद है कि इस डाटा के रिकवर होने पर ही कुछ सुराग मिल सकता है। इसके चलते इसे फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा।
उधर, अक्षय गूजर (24) के परिवारीजनों ने मंगलवार को थाना ताजगंज पहुंचकर कहा कि उसे एक युवती परेशान कर रही थी। उसे दोस्ती के नाम पर जाल में फंसा लिया था। अब ब्लैकमेल कर रही थे। उससे आठ लाख रुपये मांगे जा रहे थे।
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न तो कोई सुसाइड नोट मिला और न ही उसके मोबाइल फोन से कोई जानकारी मिली। मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया गया था। पुलिस को उम्मीद है कि इस डाटा के रिकवर होने पर ही कुछ सुराग मिल सकता है। इसके चलते इसे फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा।
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उधर, अक्षय गूजर (24) के परिवारीजनों ने मंगलवार को थाना ताजगंज पहुंचकर कहा कि उसे एक युवती परेशान कर रही थी। उसे दोस्ती के नाम पर जाल में फंसा लिया था। अब ब्लैकमेल कर रही थे। उससे आठ लाख रुपये मांगे जा रहे थे।
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युवती के परिवार पर भी आरोप
उसका परिवार भी उसका साथ दे रहा था। इसी के चलते अक्षय तनाव में था। इसी तनाव के चलते उसने खुदकुशी की है। उन लोगों ने युवती और उसके परिवारीजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
ताजगंज के थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि अक्षय को ब्लैकमेल किया जा रहा था। उसके मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। डिलीट किया गया डाटा रिकवर होने पर कुछ जानकारी मिल सकती है।
ताजगंज के थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि अक्षय को ब्लैकमेल किया जा रहा था। उसके मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। डिलीट किया गया डाटा रिकवर होने पर कुछ जानकारी मिल सकती है।