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UP: 25 साल में लुटेरे से बना शूटिंग कोच, एआई की मदद से चालान ने पहुंचाया जेल; यहां बिता रहा था आराम की जिंदगी
Wed, 03 Jun 2026 03:37 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 03 Jun 2026 03:37 PM IST
सार
25 साल में एक लुटेरा शूटिंग कोच बन गया। एआई की मदद से एक चालान ने आरोपी को जेल पहुंचा दिया। आरोपी ने लोहामंडी में 2002 में 1.75 लाख की लूट की थी। तभी से फरार था। दिल्ली में आराम की जिंदगी बिता रहा था।
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25 साल में एक लुटेरा शूटिंग कोच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में युवती के अपहरण और लूट के मामलों में नामजद आरोपी 25 साल से पुलिस से छिपकर रह रहा था। पुलिस ने एआई से उसकी फोटो बनाकर मिलान कराया। दिल्ली में हुए कार के चालान से उसका फोटो मैच हो गया।
छह माह तक रेकी करने के बाद पुलिस आखिरकार 50 हजार के इनामी आरोपी सैमुअल तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। वेस्ट अर्जुन नगर निवासी सैमुअल के दो साथी इसी लूटकांड में न्यायालय से सजा पा चुके हैं।
थाना नाई की मंडी में 2001 में युवती के अपहरण के मामले में सैमुअल नामजद था। पुलिस से बचते हुए उसने दो साथियों के साथ हथियारों के बल पर वर्ष 2002 में लोहामंडी क्षेत्र में मलपुरा निवासी चंदन सिंह से 1.75 लाख रुपये लूट लिए थे।
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छह माह तक रेकी करने के बाद पुलिस आखिरकार 50 हजार के इनामी आरोपी सैमुअल तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। वेस्ट अर्जुन नगर निवासी सैमुअल के दो साथी इसी लूटकांड में न्यायालय से सजा पा चुके हैं।
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थाना नाई की मंडी में 2001 में युवती के अपहरण के मामले में सैमुअल नामजद था। पुलिस से बचते हुए उसने दो साथियों के साथ हथियारों के बल पर वर्ष 2002 में लोहामंडी क्षेत्र में मलपुरा निवासी चंदन सिंह से 1.75 लाख रुपये लूट लिए थे।
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इसके बाद वह आगरा से भाग गया। अपनी संपत्ति भी चोरी-छिपे रिश्तेदारों को बेच दी। परिवार के किसी सदस्य से कभी कोई संपर्क नहीं किया। तत्कालीन एसएसपी ने उसके ऊपर 2500 रुपये का इनाम घोषित किया, जो वर्ष 2018 तक बढ़ते-बढ़ते 18 हजार हो गया।
सैमुअल पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार की
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया। सैमुअल के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो साथियों को सजा हो गई थी पर सैमुअल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस आयुुक्त ने सैमुअल पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया। सैमुअल के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो साथियों को सजा हो गई थी पर सैमुअल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस आयुुक्त ने सैमुअल पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी।
पुलिस के पास आरोपी का 25 वर्ष से ज्यादा पुराने फोटो के अलावा कोई दस्तावेज नहीं था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने एआई की मदद से आरोपी का वर्तमान में दिखने जैसा फोटो बनवाया। उस फोटो को यूपी समेत आसपास के राज्यों की पुलिस को ऑनलाइन भेजा।
पूरे देश के अपराधियों के फोटो से मिलान कराया गया। इस दरम्यान दिल्ली में हुए एक कार के चालान में लगे फोटो से उसके चेहरे का मिलान हुआ मगर चालान सहदेव यादव के नाम से कटा हुआ था। इस ड्राइविंग लाइसेंस पर 3 चालान हो चुके थे।
कार पूनम नामक महिला के नाम पंजीकृत मिली
पुलिस ने जांच शुरू की तो कार पूनम नामक महिला के नाम पंजीकृत मिली। जिस युवती के अपहरण के मामले में वह नाई की मंडी थाने में नामजद था, उसका नाम भी पूनम था। यहां से पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने जांच शुरू की तो कार पूनम नामक महिला के नाम पंजीकृत मिली। जिस युवती के अपहरण के मामले में वह नाई की मंडी थाने में नामजद था, उसका नाम भी पूनम था। यहां से पुलिस को शक हुआ।
वर्तमान थानाध्यक्ष नाई की मंडी रोहित ने पूर्व में 10 वर्ष से वांछित अपराधी पकड़ा था। इसलिए थानाध्यक्ष नाई की मंडी को ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने छह माह तक दिल्ली में जाकर रेकी करने के बाद सोमवार को आरोपी को दिल्ली के नागलोई थाने के प्रेमनगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
खुद बना शूटिंग कोच, पत्नी सिखा रही थी कराटे
डीसीपी सिटी ने बताया कि आरोपी लूट की रकम लेकर कई जिलों में छिपकर रहा। उसने सहदेव यादव, अमित मिश्रा जैसे कई नाम बदले। इस दौरान उसने पिस्टल चलाना सीखा और कोर्स कर शूटिंग कोच बन गया। जिस युवती के अपहरण में वह नामजद हुआ था, उससे शादी कर ली थी। युवती ताइक्वांडो कोच है।
डीसीपी सिटी ने बताया कि आरोपी लूट की रकम लेकर कई जिलों में छिपकर रहा। उसने सहदेव यादव, अमित मिश्रा जैसे कई नाम बदले। इस दौरान उसने पिस्टल चलाना सीखा और कोर्स कर शूटिंग कोच बन गया। जिस युवती के अपहरण में वह नामजद हुआ था, उससे शादी कर ली थी। युवती ताइक्वांडो कोच है।
छह माह तक की गई रेकी
पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना करने के 25 साल बाद भी बेहद सजगता बरतता था। 150 फोटो से उसके चेहरे को मैच किया गया था। सैमुअल बेहद चालाक है, वह इतने साल बाद भी बेहद सावधानी से रहता था। एक गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करता था। उसने कभी किसी पुराने परिचित से संपर्क नहीं किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना करने के 25 साल बाद भी बेहद सजगता बरतता था। 150 फोटो से उसके चेहरे को मैच किया गया था। सैमुअल बेहद चालाक है, वह इतने साल बाद भी बेहद सावधानी से रहता था। एक गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करता था। उसने कभी किसी पुराने परिचित से संपर्क नहीं किया।
किसी पार्टी में फोटो नहीं खिंचवाता था। सोशल मीडिया पर अपने और अपनी पत्नी के फोटो कभी अपलोड नहीं करता था। अपने असली दस्तावेज कहीं भी इस्तेमाल नहीं किए और किसी दस्तावेज को कभी अपडेट भी नहीं कराया। कार को भी वह खुद नहीं चलाता था। किसी जरूरत पर कार लेकर जाने पर उसका चालान हो गया और वह पकड़ में आ गया।