श्री पारस अस्पताल प्रकरण में कार्रवाई: आगरा में अपंजीकृत अस्पताल सेल के लिपिक को हटाया
आगरा के श्री पारस अस्पताल में लिपिक के बेटे की पैथोलॉजी लैब चल रही थी। लैब खुलवाने के मामले की जांच शुरू हो गई है।
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आगरा के श्री पारस अस्पताल के दमघोंटू मॉकड्रिल के बाद सीएमओ ने अपंजीकृत अस्पताल सेल के वरिष्ठ लिपिक को हटा दिया है। इनके बेटे की अस्पताल में पैथोलॉजी लैब चल रही थी। जांच में यह जानकारी आने के बाद सीएमओ ने यह कार्रवाई की है।
अपंजीकृत अस्पताल सेल पर अस्पतालों को लाइसेंस देने और झोलाछाप पर कार्रवाई की भी जिम्मेदारी है। यहां पर तैनात वरिष्ठ लिपिक शिवकांत दीक्षित के बेटे की श्री पारस अस्पताल में पैथोलॉजी लैब चल रही थी। इसका फरवरी में उद्घाटन किया था।
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अप्रैल में मॉकड्रिल का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की समिति की जांच में यह जानकारी सामने आई थी। इस पर सीएमओ ने लिपिक को सेल से हटाकर पीसीएनडीटी सेल में भेज दिया है। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि लिपिक का पटल बदल दिया है।
राज्यमंत्री की शिकायत पर लिपिक को भेजा नोटिस
उधर, स्वास्थ्य विभाग के लिपिक द्वारा श्री पारस अस्पताल पर दबाव बनाकर उगाही के लिए बेटे की लैब खुलवाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने लिपिक की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की थी। एडी हेल्थ (अपर निदेशक स्वास्थ्य) ने आरोपी लिपिक और अस्पताल संचालक को नोटिस भेजकर सात दिन के अंदर जवाब मांगा है।
एडी हेल्थ डॉ. एके सिंह ने बताया कि राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने प्रशासन से शिकायत की थी कि स्वास्थ्य विभाग के लिपिक शिवकांत दीक्षित ने दबाव डालकर श्री पारस अस्पताल में उगाही के लिए अपने बेटे की लैब खुलवाई।
प्रशासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है, आरोपी लिपिक शिवकांत दीक्षित और अस्पताल संचालक को नोटिस भेजकर आरोपों पर सात दिन में जवाब मांगा गया है। शिकायतकर्ता राज्यमंत्री का भी बयान दर्ज किया जाएगा। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।