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पाठ्यपुस्तकों के नाम बदले: ‘कलरव’ की जगह ‘किसलय’, ‘पंखुड़ी’, ‘फुलवारी’, ‘वाटिका’ पढ़ेंगे विद्यार्थी

Thu, 09 Sep 2021 12:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 09 Sep 2021 12:19 PM IST
सार

परिषदीय स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों के नाम बदल दिए गए हैं। प्रत्येक कक्षा की किताबों के नाम अब अलग-अलग होंगे। हालांकि पाठ्य सामग्री में बदलाव नहीं है। कक्षा दो से पांच तक पढ़ाई जाने वाली हिंदी विषय की पुस्तक ‘कलरव’ का नाम अब कक्षा दो में ‘किसलय’, कक्षा तीन में ‘पंखुड़ी’, कक्षा चार में ‘फुलवारी’ और कक्षा पांच में ‘वाटिका’ नाम से है। 

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Agra News Change the names of textbooks of council schools
आगरा: पाठ्यपुस्तकों के नाम बदले - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिषदीय स्कूलों में कक्षा दो से आठ तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों के नाम बदल दिए गए हैं। अब जो किताबें विद्यार्थियों को मिलने जा रही हैं, उसमें कक्षावार पुस्तकों का नाम अलग-अलग होगा। पहले कुछ विषयों की किताबों के नाम कक्षा एक दो से पांच तक और छह से आठ तक एक ही होता था। 

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कक्षा दो से पांच तक पढ़ाई जाने वाली हिंदी विषय की पुस्तक ‘कलरव’ का नाम अब कक्षा दो में ‘किसलय’, कक्षा तीन में ‘पंखुड़ी’, कक्षा चार में ‘फुलवारी’ और कक्षा पांच में ‘वाटिका’ है। इसी तरह गणित विषय की पुस्तक ‘गिनतारा’ का नाम कक्षा तीन में ‘अंकों का जादू’, कक्षा चार में ‘अंक जगत’, कक्षा पांच में ‘गणित ज्ञान’ है। 
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कक्षा चार और पांच में ‘रेनबो’ और ‘संस्कृत पीयूषम’ का नाम भी बदल गया है। ‘रेनबो’ का नाम कक्षा चार में ‘स्प्रिंग’ व कक्षा पांच में ‘पेटल्स’ है। ‘संस्कृत पीयूषम’ का नाम कक्षा चार में ‘संस्कृत सुधा’ और कक्षा पांच में ‘संस्कृत’ सुबोध है। ‘हमारा परिवेश’ का नाम कक्षा चार में ‘पर्यावरण’ व कक्षा पांच में ‘प्रकृति’ हो गया है। 

इसी तरह कक्षा छह से आठ तक में पढ़ाई जाने वाली ‘मंजरी’, ‘गणित’, ‘आओ समझें विज्ञान’, ‘संस्कृत पीयूषम’, ‘रेनबो’ के नाम भी कक्षावार बदले गए हैं। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक महेश चंद्र का कहना है कि परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों के पाठ्यपुस्तकों का नाम बदलने का निर्णय शासन स्तर से लिया गया है। विद्यार्थियों के हित में ऐसा किया गया है। 

विद्यार्थियों के मन में नवीनता का भाव आएगा
प्राथमिक शिक्षक संघ के आगरा जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि कक्षावार पुस्तकों का नाम बदलना सरकार का अच्छा निर्णय है। प्रत्येक कक्षा में पुस्तकों का नाम बदलने से विद्यार्थियों के मन में नवीनता का भाव आएगा।

प्रस्तुतीकरण को और अच्छा बनाना चाहिए था
यूटा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने कहा कि सरकार को किताबों का नाम बदलने के साथ पुस्तकों को पन्ने को और अच्छा और पाठ्य सामग्री के प्रस्तुतीकरण को और रोचक बनाना चाहिए था। इससे विद्यार्थियों की रुचि पढ़ने में बढ़ती।

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