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दुराचार के दोषी को फांसी, जज ने कहा- समाज को शर्मसार करने वाली है वहशत

Fri, 02 Apr 2021 01:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 02 Apr 2021 01:03 AM IST
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Agra News : capital punishment for misdemeanor Convicted 
दुराचार का दोषी... - फोटो : अमर उजाला

अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट मृदुल दुबे ने दो माह के अंदर सभी पक्षों को सुनने के साथ दस वर्षीय बालिका के साथ दुराचार की घटना को अंजाम देने वाले नीरज को फांसी की सजा सुनाई है। उन्होंने नीरज को धारा 5 (आई) (एम)/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया है। पॉक्सो एक्ट के तहत धारा संख्या 25 में वर्ष 2019 में किए गए संशोधन का उद्देश्य यह था कि समाज में दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लग सके।

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अपर जिला जज ने सजा सुनाने से पूर्व कहा कि यह घटना दिल को दहला देने वाली है। इस घटना में घिनौनापन, बहशीपन झलक रहा है जो पूरे समाज को शर्मसार करता है। आज कोई महिला, बच्ची अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। अपर जिला जज ने कहा कि यह वही देश है कि जहां कहा जाता है कि जिस कुल में नारियों की पूजा होती है वहीं देवता भी निवास करते हैं। अभियुक्त ने उस छोटी बच्ची के साथ न सिर्फ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया बल्कि उसके जेहन में पूरे जीवन के लिए एक खौफनाक मंजर पीछे छोड़ दिया। जो पीड़ित बच्ची को जीवन भर दहलाता रहेगा।
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पीड़िता का ऑपरेशन होना अभी बाकी
बालिका के साथ आरोपी ने घटना को ऐसे बहशीपन से अंजाम दिया था कि उसकी आंते तक फट गईं। मल-मूत्र के रास्ते एक हो गए। नीरज रूपी हैवान ने उसके शरीर को बूरी तरह इंजर्ड कर दिया। बच्ची को उपचार के लिए जसराना से जिला अस्पताल और फिर आगरा मेडिकल कॉलेज ले गए। पांच डॉक्टरों की टीम ने उसका ऑपरेशन किया। शौच का रास्ता पेट से होकर बनाना पड़ा। डॉक्टरों ने कहा कि उसके जीवित रहते हुए भी मृत्यु से बदतर जीवन होगा।
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घिनौनी घटनाएं रुकें इसलिए की प्रभावी पैरवी : अजमोद
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजमोद सिंह चौहान ने कहा कि जसराना क्षेत्र में दस वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम तीस वर्षीय युवक ने दिया। उसने इंसान नहीं जानवर जैसी हरकत की। ऐसे दुराचारी को मृत्यु दंड की सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की गई। ताकि छोटी-छोटी बालिकाओं एवं महिलाओं के साथ होने वाली घटनाएं रुक सकें।

एक दिसंबर को सुनाई थी बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा
विशेष जज पॉस्को एक्ट मृदुल दुबे ने एक दिसंबर 2020 को आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या के आरोपी थाना सिरसागंज क्षेत्र के निवासी बंटू उर्फ शिवशंकर को फांसी की सजा सुनाई थी। उक्त घटना 17 मार्च 2019 को थाना सिरसागंज क्षेत्र में हुई थी।

विवेचना में तत्परता, उचित पैरवी से मिली सजा : एसएसपी
एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि थाना जसराना क्षेत्र में दस वर्षीय बालिका के दुष्कर्म के मामले में तत्काल 376 एबी एवं पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। 48 घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी की थी। डीएनए मिलान कराने के साथ विवेचक योगेश कुमार शर्मा ने तत्परता के साथ एक माह में विवेचना कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी।


न्यायालय में सघन पैरवी एवं अभियोजन अधिकारी की तत्परता का परिणाम रहा कि न्यायायिक अधिकारी ने क्रूर दुराचारी अपराधी नीरज को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। ऐसी सख्त सजा से समाज में बच्चियों, महिलाओं के साथ होने वाली दुराचार की घटनाओं में कमी आएगी। विवेचक सहित इसमें पैरवी करने वालों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

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