Agra News: प्रसव के दौरान 13 महिलाओं की मौत, डीएम बोले- स्थिति शर्मनाक
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में मातृ मृत्यु नहीं होनी चाहिए। हीमोग्लोबिन की जांच कराएं, आयरन व फोलिक एसिड उपलब्ध कराएं। नियमित काउंसिलिंग करें। बैठक में आशाओं की लापरवाही का जिक्र हुआ तो डीएम ने कहा कि आशाओं को कार्य के लिए प्रेरित किया जाए।
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मातृ एवं शिशु मृत्यु दर रोकने की तमाम योजनाओं का असर नहीं दिख रहा है। अक्तूबर माह में 13 महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी नवनीत चहल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में समीक्षा की, तब यह खुलासा हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि यह स्थिति जनपद के लिए शर्मनाक है।
13 में 6 महिलाएं एनीमिया ग्रस्त
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को बताया कि 13 में 6 महिलाएं एनीमिया ग्रस्त थीं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में मातृ मृत्यु नहीं होनी चाहिए। हीमोग्लोबिन की जांच कराएं, आयरन व फोलिक एसिड उपलब्ध कराएं। नियमित काउंसिलिंग करें। बैठक में आशाओं की लापरवाही का जिक्र हुआ तो डीएम ने कहा कि आशाओं को कार्य के लिए प्रेरित किया जाए। फिर भी लापरवाही मिले तो कार्रवाई करें। बैठक में जननी सुरक्षा योजना की ब्लॉकवार समीक्षा की गई। फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संस्थागत प्रसव में सबसे ज्यादा गिरावट मिली। जबकि बाह सीएचसी का प्रदर्शन शून्य रहा।
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जिलाधिकारी ने दिए ये निर्देश
जिलाधिकारी ने बच्चों के टीकाकरण न होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने टीमें बनाकर टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी सुविधाएं, चिकित्सक के साथ मरीजों के लिए प्रतीक्षा कक्ष बनाने के लिए कहा। खंदौली, जगनेर व एसएन में ऑक्सीजन प्लांट खराब होने पर भी नाराज हुए। उन्होंने 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मनाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ ए मनिकंडन व सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।