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ताजनगरी में होली पर बिखरे सद्भाव के रंग, मुस्लिमों ने की नमाज का वक्त बदलने की पहल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:29 PM IST
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सुलहकुल की नगरी के होली पर सद्भाव के रंग बरसे हैं। मुसलमानों ने भी भाईचारे के त्योहार होली पर जुमे की नमाज के वक्त में बदलाव करने की अपील की है।
शाही जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में दोपहर एक बजे होने वाली नमाज 1.30 बजे और 1.30 बजे होने वाली नमाज दोपहर दो बजे के बाद अदा कराने को कहा है।
शाही जामा मस्जिद में आयोजित बैठक में इस्लामियां लोकल एजेंसी के चेयरमैन की अध्यक्षता हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि शुक्रवार को होली का त्योहार है। इस दिन हमारे हिंदू भाई रंगों से होली खेलते हैं। आगरा की पहचान सुलहकुल की नगरी के रूप में है।
यहां सभी मजहबों के लोग सभी त्योहारों को मिल जुलकर मनाते हैं। कुरैशी ने सभी मुस्लिमों और मस्जिदों के मुतवल्ली व इमामों से गुजारिश की है कि वह सुहलकुल की नगरी से एक मिसाल पेश करें। ताज की नगरी मोहब्बत की नगरी है।
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शाही जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में दोपहर एक बजे होने वाली नमाज 1.30 बजे और 1.30 बजे होने वाली नमाज दोपहर दो बजे के बाद अदा कराने को कहा है।
शाही जामा मस्जिद में आयोजित बैठक में इस्लामियां लोकल एजेंसी के चेयरमैन की अध्यक्षता हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि शुक्रवार को होली का त्योहार है। इस दिन हमारे हिंदू भाई रंगों से होली खेलते हैं। आगरा की पहचान सुलहकुल की नगरी के रूप में है।
यहां सभी मजहबों के लोग सभी त्योहारों को मिल जुलकर मनाते हैं। कुरैशी ने सभी मुस्लिमों और मस्जिदों के मुतवल्ली व इमामों से गुजारिश की है कि वह सुहलकुल की नगरी से एक मिसाल पेश करें। ताज की नगरी मोहब्बत की नगरी है।
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होली पर जुमे की नमाज को तय समय से आधा घंटे की देरी से अदा कराएं। उन्होंने कहा कि साथ ही किसी नमाजी पर रंग गिर भी जाए तो इसे तूल नहीं दें। होली का त्योहार मिल जुलकर मनाएं। उन्होंने बताया कि एजेंसी जिले की 38 मस्जिदों की देखरेख करती है।
नायब शहर काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम का कहना है कि इस्लामिया लोकल एजेंसी ने नमाज के वक्त को कुछ आगे बढ़ाने की अपील की है, जोकि सराहनीय बात है। इसका हर मुस्लिम को सहयोग करना चाहिए। कई शहरों में मुस्लिम ऐसा कर रहे हैं तो आगरा में समय बदलने में क्या हर्ज है।
नायब शहर काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम का कहना है कि इस्लामिया लोकल एजेंसी ने नमाज के वक्त को कुछ आगे बढ़ाने की अपील की है, जोकि सराहनीय बात है। इसका हर मुस्लिम को सहयोग करना चाहिए। कई शहरों में मुस्लिम ऐसा कर रहे हैं तो आगरा में समय बदलने में क्या हर्ज है।
कोई बदलाव नहीं किया जा सकता
वहीं शहर मुफ्ती अब्दुल खुबैब रूमी का कहना है कि नमाज के वक्त कुरान मजीद के मुताबिक मुकर्रर हैं। इनके वक्त में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। जुमे की नमाज का वक्त दोपहर 12.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे के बीच का है।
इन दो घंटे के भीतर अलग-अलग मस्जिदों में अलग-अलग वक्त पर नमाज अदा की जाती है। इसमें बदलाव करने का हक मोहल्ले के नमाजी, मस्जिद के मुतवल्ली व इमाम को है, वह भी इन दो घंटे के भीतर ही।
इन दो घंटे के भीतर अलग-अलग मस्जिदों में अलग-अलग वक्त पर नमाज अदा की जाती है। इसमें बदलाव करने का हक मोहल्ले के नमाजी, मस्जिद के मुतवल्ली व इमाम को है, वह भी इन दो घंटे के भीतर ही।