{"_id":"5d1499848ebc3e3c7030212c","slug":"agra-metro-train-project-work-start","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा मेट्रो रेल: खत्म इंतजार, सिकंदरा से ताज पूर्वी कोरिडोर का शुरू हुआ काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा मेट्रो रेल: खत्म इंतजार, सिकंदरा से ताज पूर्वी कोरिडोर का शुरू हुआ काम
Thu, 27 Jun 2019 03:55 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 27 Jun 2019 03:55 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंतजार अब खत्म हो गया है। आगरा मेट्रो रेल का सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। बहुत जल्द ही अब मेट्रो का कार्य धरातल पर भी देखने को मिलेगा। बुधवार को लखनऊ रेल मेट्रो कारपोरेशन (एलएमआरसी) की टीम ने फतेहाबाद रोड पर सर्वे किया।
सर्वे कर रहे एलएमआरसी के कर्मचारियों ने बताया कि मेट्रो रेल का पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट का काम शुरू किया गया है, जो फतेहाबाद रोड स्थित होटल ट्राइडेंट से शुरू हुआ है। टीम के सदस्यों ने बताया कि वो मेट्रो रेल के प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास की जमीन का सर्वे कर रहे हैं।
कहां पर उन्हें किस तरह से जमीन की जरूरत है। जहां स्टेशन बनना है। वो जमीन किस विभाग की है। बता दें कि फतेहाबाद रोड स्थित पीएसी मैदान पर मेट्रो रेल का डिपो प्रस्तावित है। इसको लेकर पिछले लंबे समय से कवायद चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वे कर रहे एलएमआरसी के कर्मचारियों ने बताया कि मेट्रो रेल का पहला कॉरिडोर सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट का काम शुरू किया गया है, जो फतेहाबाद रोड स्थित होटल ट्राइडेंट से शुरू हुआ है। टीम के सदस्यों ने बताया कि वो मेट्रो रेल के प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास की जमीन का सर्वे कर रहे हैं।
विज्ञापन
कहां पर उन्हें किस तरह से जमीन की जरूरत है। जहां स्टेशन बनना है। वो जमीन किस विभाग की है। बता दें कि फतेहाबाद रोड स्थित पीएसी मैदान पर मेट्रो रेल का डिपो प्रस्तावित है। इसको लेकर पिछले लंबे समय से कवायद चल रही है।
विज्ञापन
भूमिगत मेट्रो के कंपन से स्मारक को खतरा
सिकंदरा से ताजमहल तक रूट
- फोटो : अमर उजाला
मेट्रो ट्रेन के चार स्टेशन ऐसे होंगे, जो स्मारकों के पास भूमिगत बनाए जाएंगे। हालांकि, इसका ख्याल रखा गया है कि भूमिगत स्टेशन और मेट्रो ट्रैक राष्ट्रीय संरक्षित स्मारकों से 100 मीटर से ज्यादा दूर हों। ताजमहल पर इसकी दूरी 505 मीटर रखी गई है।
दरअसल, भूमिगत टनल बनाने और इसमें मेट्रो के संचालन से कंपन हो सकता है, जो स्मारकों की बुनियाद और वास्तु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए स्मारकों के पास भूमिगत निर्माण की संस्तुति भी नहीं की गई है और जहां भी स्मारकों से सटाकर स्टेशन बनाए जाने हैं, वहां एलीवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं।
दरअसल, भूमिगत टनल बनाने और इसमें मेट्रो के संचालन से कंपन हो सकता है, जो स्मारकों की बुनियाद और वास्तु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए स्मारकों के पास भूमिगत निर्माण की संस्तुति भी नहीं की गई है और जहां भी स्मारकों से सटाकर स्टेशन बनाए जाने हैं, वहां एलीवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं।