यूक्रेन से लौटी आगरा की राशि: कहा- यूक्रेनी सैनिकों ने भारतीयों से किया बुरा बर्ताव, छात्रों को मारे थप्पड़
आगरा की एक और छात्रा यूक्रेन से सकुशल वापस घर आ गई है। जिले के अब तक 11 छात्र-छात्राओं की वतन वापसी हो चुकी है। 28 छात्र यूक्रेन से सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं।
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आगरा के मारुति एस्टेट के पास पुष्प पुनीत विला निवासी मेडिकल छात्रा राशि गुप्ता सकुशल घर वापस आ गई हैं। वह बुधवार शाम स्लोवाकिया से रवाना हुई थी। गुरुवार दोपहर को राशि के घर पहुंचते ही परिवार में खुशियां लौट आईं। राशि पोलैंड बॉर्डर पर फंसी रही थी। इसके बाद स्लोवाकिया के रास्ते भारत पहुंचीं। राशि ने बताया कि पोलैंड सीमा पर यूक्रेनी मिलिट्री भारतीयों से अभद्रता और मारपीट कर रही थी। यूक्रेन के सैनिक कह रहे थे कि आपकी सरकार ने हमें सपोर्ट नहीं किया तो हम क्यों सहयोग करें।
यूक्रेन की टर्नोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई करने वाली राशि ने बताया कि जिस दिन अटैक शुरू हुआ, उसी दिन सारे एटीएम में लाइन लग गई थी। रुपये खत्म हो गए। अगले दिन एयर स्ट्राइक के सायरन बजने लगे तो लगा अब यहां रुकना खतरे से खाली नहीं है। हमारी यूनिवर्सिटी में 2800 भारतीय छात्र थे। पोलैंड सीमा पर पहले 35 किमी पैदल चलकर पहुंचे। वहां किसी को प्रवेश नहीं दिया। 1500 बच्चे लाइन में लगे थे। यूक्रेनी मिलिट्री बदसलूकी कर रही थी। सैनिक छात्रों को थप्पड़ मार रहे थे।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पहुंचे थे स्लोवाकिया
स्लोवाकिया से रवाना होने से पहले राशि गुप्ता और बाकी भारतीय छात्रों से वहां केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बातचीत की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूक्रेन में फंसे देश के प्रत्येक छात्र-छात्राओं को निकालना प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री का यह निर्देश भी है। राशि गुप्ता ने परिजनों को किरेन रिजिजू के साथ अपनी तस्वीर और वीडियो क्लिप भी साझा की है। इसमें किरेन रिजिजू कह रहे हैं कि अभी ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ है। और भी लोग अभी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनको निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
ओडेसा में हो रही बमबारी और फायरिंग
यूक्रेन के ओडेसा शहर से रजत सिनसिनवार बुधवार को घर आ गए। अलबतिया निवासी डॉ. गुलाब सिंह के पुत्र रजत ने बताया कि वहां बमबारी व फायरिंग हो रही है। सबसे ज्यादा मुश्किल सफर ओडेसा से रोमानिया बॉर्डर तक रहा। 30 किमी पैदल चलना पड़ा। बॉर्डर पार करने के बाद दो दिन, दो रात वहां आश्रय मिला। दूतावास की तरफ से व्यवस्थाएं की गई थीं। बुधवार सुबह 9.30 बजे रोमानिया से फ्लाइट दिल्ली आई। दोपहर 12 बजे वह घर पहुंच गए।