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Agra News: विकास एवं राजस्व कार्यों में आगरा फिसड्डी

Fri, 12 Dec 2025 02:39 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:39 AM IST
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Agra lags behind in development and revenue generation.
आगरा। विकास एवं राजस्व कार्यों में आगरा सूबे में फिसड्डी साबित हुआ है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर आगरा की प्रदेश के 75 जिलों में 71वीं रैंक आई है। बृहस्पतिवार को डीएम अरविंद एम बंगारी ने खराब रैकिंग की समीक्षा की। इसमें गिरावट की बड़ी वजह छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग में बरती गई लापरवाही मानी जा रही है।
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मुख्यमंत्री स्तर से हर महीने प्राथमिकता वाले विकास एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है। नवंबर माह में प्रदेश में मैनपुरी की आठवीं, फिरोजाबाद की 39वीं, मथुरा की 55वीं और आगरा की 71वीं रैंक आई है। मैनपुरी को 10 में 8.97 अंक मिले हैं। फिरोजाबाद को 8.60 अंक, मथुरा को 8.43 और आगरा को 8.18 अंक प्राप्त हुए हैं। रैकिंग में शाहजहांपुर ने टॉप किया है। दूसरे नंबर पर श्रावस्ती और तीसरे पर हरदोई है।
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आगरा की रैकिंग में गिरावट की वजह छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग में लापरवाही के अलावा लंबित राजस्व वाद, राजस्व वसूली और एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत की विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार को भी माना जा रहा है।
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450 स्कूलों को नोटिस, मान्यता पर संकट
सीएम डैशबोर्ड पर आगरा की खराब रैकिंग के बाद डीएम ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने बताया कि छात्रवृत्ति के दस पैरामीटर हैं जिनकी वजह से रैकिंग में गिरावट आई है। छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग में लापरवाही बरतने वाले 450 स्कूल चिह्नित किए हैं जिन्हें नोटिस भेजे गए हैं। तीन दिन में सुधार नहीं हुआ तो इन स्कूलों की मान्यता खत्म करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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जनसुनवाई में भी बरती जा रही लापरवाही
एक तरफ विकास एवं राजस्व कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जनसुनवाई में भी शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप हैं। बड़ी संख्या में निस्तारण रिपोर्ट से फरियादी असंतुष्ट हैं। तहसील, कलेक्ट्रेट, मंडलायुक्त के अलावा सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
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