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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra Industrial Webinar -2021: Pharma and handicraft industry will get oxygen by increasing import duty

मंथन: आगरा इंडस्ट्रियल के वेबिनार में चर्चा, आयात शुल्क बढ़ाने से फार्मा और हैंडीक्रॉफ्ट उद्योग को मिलेगी 'ऑक्सीजन'

Sun, 23 May 2021 01:42 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 23 May 2021 01:42 PM IST
सार

कहा गया कि आयात शुल्क बढ़ाया जाए, इससे फार्मा और हैंडीक्राफ्ट उद्योग को ऑक्सीजन मिलेगी। इसके साथ ही उद्यमियों ने नए स्वरूप के साथ खुद को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।

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Agra Industrial Webinar -2021: Pharma and handicraft industry will get oxygen by increasing import duty
वेबिनार में उपस्थित उद्यमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा इंडस्ट्रियल वेबिनार-2021 के तहत शनिवार को आगरा की मेडिकल केयर फार्मास्युटिकल और हैंडीक्राफ्ट एंड स्टोन इंडस्ट्रीज पर दिग्गजों ने मंथन किया। कहा गया कि आयात शुल्क बढ़ाया जाए, इससे फार्मा और हैंडीक्राफ्ट उद्योग को ऑक्सीजन मिलेगी। इसके साथ ही उद्यमियों ने नए स्वरूप के साथ खुद को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।

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‘उद्योग और व्यापार के भविष्य का स्वरूप: वर्तमान की चुनौतियों के साथ’ विषयक वेबिनार में संक्रमण की दूसरी लहर में चिकित्सा इंतजाम के नाकाफी होने पर भी चिंता जताई गई। संचालन व्यवसायी तरुण अग्रवाल ने किया। इस दौरान सीए शरद पालीवाल, मनोज जैन, रजत अस्थाना, एमएसएमई के निदेशक टीआर शर्मा, भुवेश अग्रवाल, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, ब्रजेश शर्मा, आशीष जैन मौजूद रहे। 
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टेस्टिंग लैब बननी चाहिए
चिकित्सकीय उपकरणों में शून्य से लेकर साढ़े सात प्रतिशत तक आयात शुल्क है। हम चाहते हैं कि चिकित्सा उपकरण के निर्माण के लिए सरकार 15 से 20 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाएं। आगरा में उद्योग लगाने के लिए कोई जगह नहीं है। चिकित्सा उद्योग के क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन एक्ट के लिए नीति आयोग की ओर भेजी गई रिपोर्ट लगभग तीन साल से अटकी है। चिकित्सकीय उपकरणों के लिए टेस्टिंग लैब का कलस्टर बनाया जाना चाहिए। -किशोर खन्ना, प्रबंध निदेशक रोमसंस 

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ बढ़े इंडस्ट्री 
कोरोना की दूसरी लहर में आगरा के स्वास्थ्य क्षेत्र ने अपनी विश्वसनीयता को खोया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि हम उतने सजग नहीं रहे, जितना कि हमें कोरोना की पहली लहर के बाद हो जाना चाहिए था। तीसरी लहर से पहले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकार को कम से कम 50 ऑक्सीजन सिलिंडर, 50 बैड सहित मूलभूत सुविधाओं को तैयार रखना चाहिए। इंडस्ट्री को स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ आगे बढ़ना होगा।   -डॉ. मुनीश्वर गुप्ता,  स्वास्थ्य विशेषज्ञ

बनानी होंगी प्रभावी योजनाएं

सरकार की ओर से सस्ती और अच्छी दवाइयों की जो बात की जा रही है, जमीन पर वह दिखाई नहीं दे रही है। फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में सरकार को विकास के लिए प्रभावी योजनाएं बनानी होंगी। सरकार की सहायता से उद्योग में जान आ जाएगी।   -मनोज जैन, दवा निर्माता, आरएम ड्रग्स

खुद से खड़े होना होगा हमें

इस दौर में राज्य सरकार से किसी भी तरह की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। स्टोन इंडस्ट्री को लेकर सरकार ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। बिना सरकारी मदद के ही स्टोन क्रॉफ्ट से जुड़े व्यापारियों को खुद अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा। तकनीक और नई सोच हमें खुद अपनानी पड़ेगी। -रजत अस्थाना, प्रबंध निदेशक, स्टोन क्रॉफ्ट
 

गैर प्रदूषणकारी उद्योग लगाएं
उद्यमियों के आपसी परामर्श और मंथन से ही महामारी के दौर से लड़ा जा सकता है। वर्तमान स्थिति में उद्योगपतियों को धैर्य से आर्थिक फैसले लेने होंगे। अपनी सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना होगा। आगरा में टीटीजेड की समस्या के कारण गैर प्रदूषणकारी उद्योगों पर विचार करना होगा। -मनीष अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, रावी इवेंट्स

आयात विकल्प पर कर रहे काम  
लघु उद्योग भारती की केंद्रीय समिति आयात विकल्प पर काम कर रही है। इसमें वाणिज्य मंत्रालय के साथ चर्चा कर एक सूची तैयार की गई है। इसमें इच्छुक उद्यमियों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नीति और कर संबंधी समस्याओं को दूर करने पर गंभीर मंथन सरकार के साथ चल रहा है। आयात शुल्क को पंद्रह प्रतिशत लाना हमारा मकसद  है। -राकेश गर्ग, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम

मंथन के मोती
. इंटरनेट की तर्ज पर आने वाले समय में ब्लॉक चैन तकनीक उद्योगों के लिए करेगी ऑक्सीजन का काम। 
. थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक से उद्योग अपने खर्चों में भारी कटौती कर सकेंगे। प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने के लिए यह करना ही पड़ेगा। 
. हर रोज क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों के कारण सौर ऊर्जा को उद्योगों को अपनाना होगा। 
. रोबोटिक तकनीक का प्रयोग उद्योगों को करना होगा। इस तकनीक से उद्योगों के खर्चे में भारी बचत होगी।
(जैसा कि आर्थिक विशेषज्ञ प्रेम गुल ने बताया)
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