फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   agra hope for these things from cm yogi

सीएम योगी से आगरा को है ये उम्मीदें...

Sat, 06 May 2017 08:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा Updated Sat, 06 May 2017 08:00 PM IST
विज्ञापन
agra hope for these things from cm yogi
सीएम योगी आद‌ित्यनाथ
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ पहली बार आगरा आ रहे हैं। ऐसे में आगरा के लोगों को सीएम से काफी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि अब तक जो वादे सपा और बसपा के कार्यकाल में नहीं हो सके। उन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार जरूर करेगी। खासकर स्वास्‍थ्य सेवाओं को लेकर काफी आस लगाए बैठे हैं। 
विज्ञापन

ये हैं प्रमुख मांग

agra hope for these things from cm yogi
अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

बीएससी नर्सिंग कालेज को कराओ शुरू 

एसएन मेडिकल कालेज में बीएससी नर्सिंग कालेज तैयार है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता और डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्धता भी मिल चुकी है। चार साल के इस कोर्स में 40 सीट हैं। फर्नीचर कबाड़ होता जा रहा है। पिछली सरकार में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। सब कुछ ओके है, बस योगी जी को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करानी है। 
 

जिला अस्पताल में डायलिसिस सेवा

जिला अस्पताल में निशुल्क डायलिसिस सेवा के लिए बनारस के हेरिटेज हास्पिटल प्राइवेट लिमिटेड से समझौता हो चुका है। अस्पताल में इमारत भी तैयार है। बस, कंपनी के उपकरण खरीद में देरी हो रही है। पिछली सरकार जाने के बाद प्रक्रिया सुस्त पड़ गई है। निशुल्क डायलिसिस से सैकड़ों गरीब मरीजों को लाभ मिलेगा। 
 

एसएन में बजट-नर्सिंग स्टाफ की हो बढ़ोत्तरी

रोजाना 1500 की ओपीडी और आईपीडी 400 से अधिक। नर्सिंग स्टाफ केवल 100 का है। जरूरत है 350 से अधिक की। ऐसा ही हाल टेक्नीशियन का है। इनकी कमी से एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, ब्रैकीथेरेपी समेत अन्य सेवाएं प्रभावित हो रहीं। सालाना करीब 4.50 करोड़ रुपये। इसमें आक्सीजन, दवाएं और केमिकल की खरीद करनी होती। बजट-नर्सिंग स्टाफ बढ़ जाए तो सेवाएं और बेहतर हो सकें। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

इन पर सख्ती चाहते हैं लोग

agra hope for these things from cm yogi
अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

10 महीने से बंद आईसीयू-डायलिसिस

 एसएन में इमारत तैयार किए बिना ही बीते साल अगस्त से मेडिसिन विभाग शिफ्ट कर दिया। इसके चलते यहां की आईसीयू, डायलिसिस, ब्रोंकोस्कॉपी, नसों की जांच, ईसीजी समेत सभी इमरजेंसी सेवाएं बंद पड़ी हैं। इन सेवाओं से हर सप्ताह 250 मरीज लाभान्वित होते। सुविधा बंद होने से कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है। प्रशासन और कालेज प्रशासन की फिर भी नींद नहीं टूट रही।   

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं जाते डाक्टर 

गांवों में बेहतर सेवा कैसे मिले, जब डाक्टर समेत फार्मेसिस्ट और नर्सिंग स्टाफ ही गायब रहता है। स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में भी मौके पर नहीं मिले। अगर ऐसा हाल होगा तो गांवों में चिकित्सकीय सेवाएं सुधरेंगी। योगी जी ऐसे डाक्टरों पर सख्त निर्देश देकर कार्रवाई करें। 

झोलाछाप पर स्वास्थ्य विभाग मेहरबान

झोलाछाप पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं करता। हाल ही में छह महीने के मासूम की मौत हो गई। विभाग ने जांच की जरूरत नहीं समझी। ऐसा ही हाल अवैध हास्पिटल का है। मरीजों से ठगाई के साथ उनकी जान से भी खेलते हैं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed