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आगरा में नाले की सफाई करते वक्त गिरी दीवार, मलबे में दबे 4 कर्मचारी
न्यूज डेस्क अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 07 Mar 2018 08:31 PM IST
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कर्मचारी को मलबे से बाहर निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के छावनी के वार्ड नंबर चार में नौलक्खा स्थित नाले की सफाई के दौरान बुधवार को नाले की कुछ माह पहले बनाई गई बाउंड्रीवाल ढह गई। नाले में सफाई कर रहे चार कर्मचारी दबकर घायल हो गए।
चीख-पुकार होने पर लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक की हालत गंभीर है। बाउंड्रीवाल में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की जांच कराई जा रही है।
छावनी के वार्ड नंबर चार में नौलक्खा के नाले की कुछ माह पूर्व ही बाउंड्रीवाल बनवाई गई थी। बुधवार छावनी के छह सफाई कर्मचारी सुपरवाइजर के साथ नाले की सफाई करने पहुंचे थे।
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चीख-पुकार होने पर लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक की हालत गंभीर है। बाउंड्रीवाल में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की जांच कराई जा रही है।
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छावनी के वार्ड नंबर चार में नौलक्खा के नाले की कुछ माह पूर्व ही बाउंड्रीवाल बनवाई गई थी। बुधवार छावनी के छह सफाई कर्मचारी सुपरवाइजर के साथ नाले की सफाई करने पहुंचे थे।
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लोगों ने की मदद
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12 बजे सफाई के दौरान बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा ढह गया और नाले में काम रहे संदीप, सेंटू, अनूप और रिंकू के ऊपर गिरा, जिससे वह दब गए। इसके बाद आसपास के लोगों ने ईंटें हटाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला।
घायल कर्मचारियों को फतेहाबाद रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वार्ड के निवासियों राजीव, दिनेश का कहना था कि छावनी परिषद के इंजीनियर ने कुछ माह पहले ही नाले की बाउंड्रीवाल बनवाई थी।
कमीशनखोरी के कारण बाउंड्रीवाल में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण रहा कि बाउंड्रीवाल भरभरा कर ढह गई। घटना के संबंध में छावनी के सीईओ एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी का कहना है कि घटना की जांच करवाई जा रही है।
घटिया निर्माण सामग्री से दीवार बनवाने पर इंजीनियर जवाब तलब किया जा रहा है। नाले की बाउंड्रीवाल को दोबारा बनवाया जाएगा। सफाई कर्मियों के इलाज के लिए ठेकेदार से कहा गया है।
घायल कर्मचारियों को फतेहाबाद रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वार्ड के निवासियों राजीव, दिनेश का कहना था कि छावनी परिषद के इंजीनियर ने कुछ माह पहले ही नाले की बाउंड्रीवाल बनवाई थी।
कमीशनखोरी के कारण बाउंड्रीवाल में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण रहा कि बाउंड्रीवाल भरभरा कर ढह गई। घटना के संबंध में छावनी के सीईओ एम. वेंकट नरसिम्हा रेड्डी का कहना है कि घटना की जांच करवाई जा रही है।
घटिया निर्माण सामग्री से दीवार बनवाने पर इंजीनियर जवाब तलब किया जा रहा है। नाले की बाउंड्रीवाल को दोबारा बनवाया जाएगा। सफाई कर्मियों के इलाज के लिए ठेकेदार से कहा गया है।
आधी मजदूरी पर कराया जा रहा काम
मौके पर जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
गरिमा कंस्ट्रक्शन नामक फर्म छावनी में ठेके पर सफाई कार्य करवाती है। फर्म में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को निर्धारित 14000 रुपये के स्थान पर सात हजार रुपये का ही भुगतान किया जाता है।
सफाई कर्मचारियों ने सीईओ को पत्र लिखकर पूरा भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों का पीएफ या ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। खाते में वेतन ट्रांसफर करने के स्थान पर नगद वेतन दिया जाता है।
इसके पूर्व वॉयस आफ एक्स सर्विसमैन सोसाइटी भी मजदूरी में घपले की शिकायत कर चुकी है। सोसाइटी के महासचिव बीर बहादुर सिंह ने बताया कि डी क्लास में संविदा पर काम कर रहे सफाई कर्मियों को आधा वेतन दिया जा रहा है।
इस संबंध में श्रम विभाग के अधिकारी भी जांच करके फर्म की गड़बड़ी के बारे में पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान खातों में नहीं किया जा रहा है।
सफाई कर्मचारियों ने सीईओ को पत्र लिखकर पूरा भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों का पीएफ या ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। खाते में वेतन ट्रांसफर करने के स्थान पर नगद वेतन दिया जाता है।
इसके पूर्व वॉयस आफ एक्स सर्विसमैन सोसाइटी भी मजदूरी में घपले की शिकायत कर चुकी है। सोसाइटी के महासचिव बीर बहादुर सिंह ने बताया कि डी क्लास में संविदा पर काम कर रहे सफाई कर्मियों को आधा वेतन दिया जा रहा है।
इस संबंध में श्रम विभाग के अधिकारी भी जांच करके फर्म की गड़बड़ी के बारे में पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान खातों में नहीं किया जा रहा है।