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इंजीनियर बेटी की गुमनाम मौत पर कुछ तो कहते हैं बेबस पिता के ये सवाल

Fri, 08 Dec 2017 05:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Fri, 08 Dec 2017 05:56 PM IST
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agra engineering student death is still a mystry
पिता और दादा - फोटो : amar ujala
आगरा के बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज की एमटेक प्रथम वर्ष की छात्रा तोशी सेठ की मौत के मामले से दो साल बाद भी पर्दा नहीं उठ सका है। पुलिस की ओर से लगाई एफआर को कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। पुन: विवेचना शुरू होने पर गुरुवार को पिता और दादा थाना जगदीशपुरा बयान दर्ज कराने आए।
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उन्होंने पुलिस से विवेचना में बेटी के लैपटॉप और मोबाइल से मिली जानकारी को भी शामिल करने की मांग की। कहा कि इससे कई तथ्य सामने आ सकते हैं। भुसौली टोला, खुल्दाबाद, इलाहाबाद निवासी तोषी (22) पुत्री गोपीनाथ बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी।
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छह सितंबर 2015 को उसका शव हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई थी। दो युवकों के नाम सामने आए, इनमें से एक युवक की सात सितंबर 2015 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने आत्महत्या का केस मानते हुए एफआर लगा दी थी।
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मगर, पिता ने हत्या का आरोप लगाया। इस पर एफआर का विरोध किया। कोर्ट के आदेश पर पुन: विवेचना शुरू हो गई है। गुरुवार को आगरा आए तोशी के पिता गोपीनाथ और दादा बैजनाथ ने कहा कि बेटी का मोबाइल, लैपटॉप को पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। पुलिस ने लैपटॉप की महत्वपूर्ण जानकारी को केस डायरी में दर्ज नहीं किया।

तोशी को एक युवक परेशान करता था, उसे अपनी अश्लील फोटो भेजी थी और उसे बदनाम करने की धमकी दी थी। मगर, लैपटॉप की जानकारी को केस से बाहर कर दिया गया। युवक के बारे में भी पड़ताल नहीं की गई। पुलिस ने पिता के बयान दर्ज किए। विवेचक का कहना है कि अभी कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

पिता के सवाल

- तोशी के सीधे हाथ की कोहनी खराब थी। हाथ उठ नहीं सकता था। फिर फांसी कैसे लगा ली।
- कमरे का सामान, पलंग, कुर्सी और चादर यथावत थे, जो कि आत्महत्या को संदिग्ध दर्शाते हैं।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु पूर्व सिर में चोट का निशान था, जिसे नजरंदाज किया गया।
- संदिग्ध युवक के मोबाइल, लैपटॉप की जांच नहीं। चौकीदार, वार्डन के नंबर की जांच नहीं की।
- विवेचना में लैपटॉप और मोबाइल से मिले डाटा का जिक्र नहीं किया है। पिता के बयान नहीं लिए।
- विवेचना में लिया गया लैपटॉप और मोबाइल वापस नहीं किया गया है।
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