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UP: आगरा-दिल्ली हाईवे का हाल...बारिश में गुम हुआ मार्ग, घंटों फंसे रहे वाहन; पांच किमी लंबी कतार
Wed, 30 Jul 2025 10:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:10 AM IST
सार
बारिश के दौरान आगरा-दिल्ली हाईवे जाम से कराह उठा। आलम ये रहा कि सिकंदरा से आईएसबीटी से भी आगे पांच किमी वाहनों की कतार लग गई।
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आगरा दिल्ली हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा-दिल्ली हाईवे पर मंगलवार को बारिश के बाद हुए जलभराव से दिन भरा जाम लगा रहा। आईएसबीटी से सिकंदरा और सिकंदरा तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पांच मिनट की दूरी तय करने में लोगों को एक घंटे तक का समय लग गया। जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं। चालक सायरन बजाते रहे लेकिन रास्ता नहीं मिल सका। वाहनों को निकलवाने में यातायात पुलिसकर्मी भी फेल रहे।
मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नाै बजे बारिश शुरू हुई। मेट्रो के काम के कारण हाईवे पर फैली मिट्टी से जलभराव होने लगा। आईएसबीटी से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक कई जगह पानी भर गया। इस कारण सिकंदरा की तरफ जाने वाले वाहन धीमी गति से चल रहे थे। भावना एस्टेट कट के सामने भी पानी भरने से वाहनों को निकलने में समस्या हुई।
सिकंदरा चाैराहे पर वाहनों के बोदला मार्ग, गुरुद्वारा की तरफ निकलने की वजह से ट्रैफिक रोके जाने से वाहनों की लाइन लग गई। यही हाल सिकंदरा से आईएसबीटी की तरफ आने वाले वाहनों का रहा। दो किलोमीटर तक दोनों तरफ वाहन फंस गए। जलभराव के कारण करीब साढ़े 10 बजे से हाईवे पर जाम लग गया, जो करीब दो बजे तक रहा। गुरुद्वारा आरओबी कट और सिकंदरा पर पुलिस भी तैनात थी। मगर, वाहनों को निकलवाने में पुलिसकर्मी फेल हो गए।
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इस वजह से सवारी वाहनों में बैठे लोगों का हाल बेहाल हो गया। ट्रक, बस, कार, आटो, एंबुलेंस को दो किलोमीटर की दूर तय करने में पांच मिनट की जगह एक घंटे का समय लग रहा था। यही हाल एमजी रोड का भी रहा। हरीपर्वत और साईं का तकिया पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। शाम के समय फिर जाम के हालात बन गए और लोग घंटों तक फंसे रहे।
ड्रेनेज मास्टर प्लान की जरूरत : केसी जैन
सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि जनता से लिए गए टैक्स की रकम से सड़कों की मरम्मत पर हर साल अरबों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद इंतजाम अधूरे ही हैं। हाईवे पर नाला बनाया गया है। मगर सफाई नहीं होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। सफाई का कोई उचित इंतजाम नहीं रहता है। ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए। मेट्रो का कार्य चल रहा है तो उसकी खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को उठाने के इंतजाम कंपनी को करने चाहिए। एमजी रोड पर भी ड्रेनेज की उचित व्यवस्था नहीं है। नाले और नालियों में प्लास्टिक चली जाती है इसलिए निकासी के स्थान पर जाली लगानी चाहिए। यमुना में जाने वाले नालों में पूर्व में जाली लगाई गई थी। यह नालियों में भी लगाई जा सकती है।
बारिश की वजह से हाईवे और एमजी रोड के सेंट जोंस चाैराहे पर पानी भर गया था। सिकंदरा पर एक ट्रक खराब होने की वजह से भी कुछ देर के लिए समस्या रही। इसे पुलिस टीम भेजकर हटवाया गया। यातायात व्यवस्था को कुछ ही देर में पूरी तरह से सामान्य किया गया। - अभिषेक अग्रवाल, डीसीपी ट्रैपिक
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मंगलवार को सुबह करीब साढ़े नाै बजे बारिश शुरू हुई। मेट्रो के काम के कारण हाईवे पर फैली मिट्टी से जलभराव होने लगा। आईएसबीटी से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक कई जगह पानी भर गया। इस कारण सिकंदरा की तरफ जाने वाले वाहन धीमी गति से चल रहे थे। भावना एस्टेट कट के सामने भी पानी भरने से वाहनों को निकलने में समस्या हुई।
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सिकंदरा चाैराहे पर वाहनों के बोदला मार्ग, गुरुद्वारा की तरफ निकलने की वजह से ट्रैफिक रोके जाने से वाहनों की लाइन लग गई। यही हाल सिकंदरा से आईएसबीटी की तरफ आने वाले वाहनों का रहा। दो किलोमीटर तक दोनों तरफ वाहन फंस गए। जलभराव के कारण करीब साढ़े 10 बजे से हाईवे पर जाम लग गया, जो करीब दो बजे तक रहा। गुरुद्वारा आरओबी कट और सिकंदरा पर पुलिस भी तैनात थी। मगर, वाहनों को निकलवाने में पुलिसकर्मी फेल हो गए।
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इस वजह से सवारी वाहनों में बैठे लोगों का हाल बेहाल हो गया। ट्रक, बस, कार, आटो, एंबुलेंस को दो किलोमीटर की दूर तय करने में पांच मिनट की जगह एक घंटे का समय लग रहा था। यही हाल एमजी रोड का भी रहा। हरीपर्वत और साईं का तकिया पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। शाम के समय फिर जाम के हालात बन गए और लोग घंटों तक फंसे रहे।
ड्रेनेज मास्टर प्लान की जरूरत : केसी जैन
सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि जनता से लिए गए टैक्स की रकम से सड़कों की मरम्मत पर हर साल अरबों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद इंतजाम अधूरे ही हैं। हाईवे पर नाला बनाया गया है। मगर सफाई नहीं होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। सफाई का कोई उचित इंतजाम नहीं रहता है। ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया जाना चाहिए। मेट्रो का कार्य चल रहा है तो उसकी खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को उठाने के इंतजाम कंपनी को करने चाहिए। एमजी रोड पर भी ड्रेनेज की उचित व्यवस्था नहीं है। नाले और नालियों में प्लास्टिक चली जाती है इसलिए निकासी के स्थान पर जाली लगानी चाहिए। यमुना में जाने वाले नालों में पूर्व में जाली लगाई गई थी। यह नालियों में भी लगाई जा सकती है।
बारिश की वजह से हाईवे और एमजी रोड के सेंट जोंस चाैराहे पर पानी भर गया था। सिकंदरा पर एक ट्रक खराब होने की वजह से भी कुछ देर के लिए समस्या रही। इसे पुलिस टीम भेजकर हटवाया गया। यातायात व्यवस्था को कुछ ही देर में पूरी तरह से सामान्य किया गया। - अभिषेक अग्रवाल, डीसीपी ट्रैपिक