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लॉकडाउन में शहर के लिए राहतभरी खबर, हवा की गुणवत्ता सुधरी, घटा प्रदूषण
Sat, 04 Apr 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 04 Apr 2020 12:10 AM IST
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एमजी मार्ग पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के कारण सड़कों पर वाहन बंद होने, फैक्टरियों में काम ठप होने का असर पर्यावरण पर देखने को मिला है। मार्च के बाद अप्रैल में भी आगरा की हवा की गुणवत्ता बेहतर रही है। पिछले 5 सालों में एयर क्वालिटी इंडेक्स में सबसे स्वच्छ और बेहतर हवा इसी साल अप्रैल में दर्ज की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए जा रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स में 3 अप्रैल को आगरा की हवा का सूचकांक महज 58 था जबकि पिछले 5 साल पहले यह 6 गुना ज्यादा यानी 349 तक पहुंच गया था।
शुक्रवार को आगरा की हवा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा ज्यादा रही, जबकि ताजनगरी में धूल कणों की मात्रा ही अब तक सर्वाधिक दर्ज होती रही है। प्रदूषित हवा के लिहाज से 2016 में सबसे खराब अप्रैल रहा तो सबसे बेहतर 2020। बीते साल से ही आगरा का एयर क़्वालिटी इंडेक्स एक तिहाई रह गया।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए जा रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स में 3 अप्रैल को आगरा की हवा का सूचकांक महज 58 था जबकि पिछले 5 साल पहले यह 6 गुना ज्यादा यानी 349 तक पहुंच गया था।
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शुक्रवार को आगरा की हवा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा ज्यादा रही, जबकि ताजनगरी में धूल कणों की मात्रा ही अब तक सर्वाधिक दर्ज होती रही है। प्रदूषित हवा के लिहाज से 2016 में सबसे खराब अप्रैल रहा तो सबसे बेहतर 2020। बीते साल से ही आगरा का एयर क़्वालिटी इंडेक्स एक तिहाई रह गया।
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आधा घट गया प्रदूषण
लॉकडाउन से पहले शहर की हवा की गुणवत्ता का औसत सूचकांक 114 था, जबकि बाद में वाहन और सभी फैक्ट्रियों के बंद हो जाने के कारण प्रदूषण स्तर में करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बाद में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 68 रहा है।
खास पहलू यह है कि लॉकडाउन के बाद धूल कणों की मात्रा सबसे कम दर्ज की गई है और एयर क्वालिटी इंडेक्स कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड पर आधारित चल रहा है जो पहले पीएम कणों पर आधारित था।
3 अप्रैल को ऐसी थी हवा
लॉकडाउन से पहले शहर की हवा की गुणवत्ता का औसत सूचकांक 114 था, जबकि बाद में वाहन और सभी फैक्ट्रियों के बंद हो जाने के कारण प्रदूषण स्तर में करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बाद में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 68 रहा है।
खास पहलू यह है कि लॉकडाउन के बाद धूल कणों की मात्रा सबसे कम दर्ज की गई है और एयर क्वालिटी इंडेक्स कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड पर आधारित चल रहा है जो पहले पीएम कणों पर आधारित था।
3 अप्रैल को ऐसी थी हवा
| साल | एक्यूआई |
| 2020 | 58 |
| 2019 | 171 |
| 2018 | 184 |
| 2017 | 167 |
| 2016 | 349 |