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Mainpuri: व्यापारियों की मनमानी के विरोध में आढ़तियों ने की हड़ताल, नवीन मंडी में नहीं बिकीं फसलें

Wed, 22 Jun 2022 12:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 22 Jun 2022 12:03 PM IST
सार

नवीन मंडी में मंगलवार को आढ़तियों ने व्यापारियों की मनमानी के विरोध में हड़ताल कर दी, जिससे फसल की बिक्री नहीं हो पाई। 

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agents strike in protest against traders crops were not sold in Naveen Mandi in Mainpuri
मंडी में खरीद के लिए फड़ों पर पड़ी मूंगफली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी की नवीन मंडी में मंगलवार को किसानों की फसलों की बिक्री नहीं हुई। व्यापारियों की मनमानी का आढ़तियों ने विरोध किया तो उन्होंने खरीद नहीं की। आढ़तियों ने इसके विरोध में हड़ताल कर दी। उन्होंने बताया कि व्यापारियों की मनमानी से किसान और आढ़तियों का शोषण होगा। फूड ग्रेन कमीशन एजेंट एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है।

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जिलेभर से किसान नवीन मंडी में फसल बेचने आते हैं। यहां आढ़ती (कमीशन एजेंट) के माध्यम से व्यापारियों को किसानों की फसल का विक्रय किया जाता है। इस पर आढ़ती को कमीशन मिलता है। व्यापारियों ने अब नया नियम बना दिया है। इसमें अधिक तौल कर कम तौल का भुगतान और नकद भुगतान पर एक प्रतिशत कटौती की जाएगी। 
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इस नियम से किसान और आढ़तियों का शोषण होगा। इन्होंने इसका विरोध किया तो व्यापारियों ने मंगलवार को मंडी में खरीद नहीं की। इससे विक्रय के लिए आया गेहूं, मक्का, मूंगफली चबूतरों पर पड़ा रहा। फूडग्रेन कमीशन एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कुशवाह ने जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह से शिकायत की है। उन्होंने व्यापारियों के शोषण से किसान और आढ़तियों को बचाने की मांग की है। विक्रय न होने से देर शाम तक मंडी में किसानों द्वारा लाई गई उपज के ढेर लगे रहे।

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व्यापारी की इन मांगों का विरोध कर रहे हैं आढ़ती 

सात से दस दिन में फसल के भुगतान पर एक प्रतिशत कटौती
मूंगफली की 35 किलो बिना वारदाना की तौल पर साढ़े 33 किलो का भुगतान
मूंगफली की 21 किलो बिना वारदाना की तौल पर 20 किलो का भुगतान 
मक्का की 55 किलो की तौल पर 54 किलो का भुगतान 

किसान क्या बोले 

राधानगर के किसान विनोद कुमार ने कहा कि व्यापारियों की मनमानी से किसान परेशान हो चुका है। जब माल पूरा खरीदते हैं तो कटौती करके भुगतान क्यों किया जाएगा। प्रसादपुर के किसान रामबहादुर ने कहा कि मंडी में जब भी किसान अपनी उपज लेकर आते हैं तो उस पर कई तरह की कटौती की जाती हैं। ये कटौती पूरी तरह अवैध है।

आढ़तियों ने ये कहा

आढ़ती सुनील कश्यप ने कहा कि आढ़ती किसान के हक के लिए लड़ते हैं। चाहते हैं कि किसान की उपज अधिक कीमत पर बिके और उसे पूरा रुपया मिले। आढ़ती धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि धान के बाद मूंगफली की फसल का भी भुगतान एक प्रतिशत काटकर किया जा रहा है, तौल में कटौती के लिए कह रहे हैं। 

मंडी सचिव नवीन कुमार कोहली ने कहा कि दोनों पक्षों से वार्ता कर समस्या का निस्तारण कर दिया गया है। किसी प्रकार की अवैध कटौती नहीं होने दी जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मंडी बुधवार को खुलेगी और पूर्व की भांति ही फसलों का विक्रय होगा। 

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