{"_id":"59115e884f1c1b231f850e5a","slug":"again-same-working-in-sn-medical-college-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के जाते ही पुराने ढर्रे पर इमरजेंसी में कामकाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के जाते ही पुराने ढर्रे पर इमरजेंसी में कामकाज
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 09 May 2017 11:45 AM IST
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में रविवार को सीएम आदित्यनाथ योगी के दौरे के दौरान नए कार्डिएक मानीटर, बेडशीट थीं। स्ट्रेचर पर भी चादर बिछाए गए। डाक्टर-नर्सिंग स्टाफ से लेकर वार्ड ब्वाय तक मरीजों की देखभाल को तत्पर दिखे। उनके जाने के बाद व्यवस्थाएं ठीक उलट, मतलब वही पुराने ढर्रे पर कामकाज।
सोमवार को हाल जानने को जब इमरजेंसी के गेट में घुसे तो स्ट्रेचर-व्हीलचेयर गायब था। अंदर स्ट्रेचर मिले, लेकिन चादर नहीं थी। तभी एंबुलेंस आई, इसमें मरीज था, तीमारदार ने आवाज लगाई, लेकिन कोई वार्ड ब्वाय बाहर नहीं आया। मजबूरी में तीमारदारों ने खुद ही वार्ड ब्वाय बनकर मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया।
डाक्टरों को दिखाया, पहले फाइल बनवाई फिर कहीं जाकर उसे देखा गया। मरीज लिटाया गया, लेकिन कई बेड के कार्डिएक मानीटर बंद पड़े थे। एक कार्डिएक तो हटा ही दिया गया था। मरीज से पता चला कि यह खराब हो गया है। जबकि मुख्यमंत्री के निरीक्षण में हर बेड पर मानीटर लगे थे। इन अव्यवस्थाओं पर इमरजेंसी के स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक दिन की मेहरबानी थी। मुख्यमंत्री के डर से रात के एक-एक बजे तक काम कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को हाल जानने को जब इमरजेंसी के गेट में घुसे तो स्ट्रेचर-व्हीलचेयर गायब था। अंदर स्ट्रेचर मिले, लेकिन चादर नहीं थी। तभी एंबुलेंस आई, इसमें मरीज था, तीमारदार ने आवाज लगाई, लेकिन कोई वार्ड ब्वाय बाहर नहीं आया। मजबूरी में तीमारदारों ने खुद ही वार्ड ब्वाय बनकर मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया।
विज्ञापन
डाक्टरों को दिखाया, पहले फाइल बनवाई फिर कहीं जाकर उसे देखा गया। मरीज लिटाया गया, लेकिन कई बेड के कार्डिएक मानीटर बंद पड़े थे। एक कार्डिएक तो हटा ही दिया गया था। मरीज से पता चला कि यह खराब हो गया है। जबकि मुख्यमंत्री के निरीक्षण में हर बेड पर मानीटर लगे थे। इन अव्यवस्थाओं पर इमरजेंसी के स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक दिन की मेहरबानी थी। मुख्यमंत्री के डर से रात के एक-एक बजे तक काम कराया गया।
विज्ञापन