फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Adverse entry given to 11 videos in street light scam

Agra News: स्ट्रीट लाइट घोटाले में 11 वीडीओ को दी प्रतिकूल प्रविष्टि

Thu, 28 Mar 2024 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 28 Mar 2024 11:34 PM IST
विज्ञापन
Adverse entry given to 11 videos in street light scam
मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में हुए स्ट्रीट लाइट घोटाले में 11 ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) को जिला विकास अधिकारी ने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। एक साल पहले ये कार्रवाई आदेश के बाद भी दबा दी गई थी। अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद उच्चाधिकारियों ने मामले की फाइल खुलवाई थी। लेकिन अब भी बड़ी कार्रवाई होना बाकी है।
विज्ञापन


जिले भर की ढाई सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में शासन के आदेश के विपरीत अमानक लाइटें लगाकर फर्जीवाड़ा किया गया था। एक साल पहले हुई जांच में भी ये खेल खुला था। तत्कालीन आचार्य ग्राम्य विकास संस्थान धीरेंद्र कुमार ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट दी थी। लेकिन रिपोर्ट को गलत तरीके से परिभाषित क विभाग ने ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे।
विज्ञापन

मामले में ग्राम पंचायत अधिकारियों की दो वेतन वृद्धियां रोकी गई थीं। लेकिन ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई थी। अमर उजाला ने अभियान चलाकर कार्रवाई की फाइल दबाए जाने का मामला उठाया था। इसके बाद डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने संज्ञान लेकर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले में जिला विकास अधिकारी अजय कुमार ने ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। अब जवाब आने के बाद 11 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। इसमें शेर सिंह, ओमशरन, विमलेश कुमार, गिर्राज सिंह, धनवेश, कुलदीप, रोहित, शिशुपाल, हिमांशु, नरेंद्र कुमार और ब्रजवीर सिंह शामिल हैं।


अधूरी है स्ट्रीट लाइट घोटाले की कार्रवाई
प्रशासन एक बार फिर ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्ट देकर स्ट्रीट लाइट घोटाले में कार्रवाई पूरी होने की बात कहकर पीठ थपथपा रहा है। लेकिन पूरे प्रकरण में अब भी बड़ी कार्रवाई होना बाकी है। ये दंड केवल प्रक्रिया का पालन न करने के लिए दिया गया है। लेकिन सरकारी धन का जो बंदरबांट किया गया है, उसकी वसूली अब तक नहीं की गई है। जब तक ये वसूली नहीं हो जाती है तब तक ये कार्रवाई पूरी नहीं कही जा सकती है। हालांकि कई बड़े अधिकारी इस जांच को दफन करने में सबकी भलाई होने की बात मानकर चल रहे हैं। अब देखना ये है कि डीएम अविनाश कृष्ण सिंह और सीडीओ नेहा बंधु इसे कैसे देखते हैं।




डीपीआरओ द्वारा पत्र भेजकर स्ट्रीट लाइट प्रकरण से संबंधित 11 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्ट देने की बात कही गई थी। जवाब लेने के बाद उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई है। - अजय कुमार, जिला विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed