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Agra News: दाखिले हो रहे कम, जनगणना में उलझे गुरुजी, शिक्षकों की ड्यूटी से नामांकन अभियान प्रभावित, स्कूलों में घटा स्टाफ और बढ़ी चिंता
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आगरा। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र के साथ शुरू हुआ नामांकन अभियान इस बार गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसकी वजह है शिक्षकों की जनगणना कार्य में लगी ड्यूटी। जिससे विद्यालयों की शैक्षणिक और नामांकन से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में व्यस्त हैं, जिसके कारण स्कूलों में बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं चल पा रही। उन्होंने कहा कि नए सत्र की शुरुआत में हर साल नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बच्चों का नामांकन कराने का अभियान धीमा पड़ गया है। कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते न तो नामांकन कार्य ठीक से हो पा रहा है और न ही अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो पा रही हैं। ऐसे में विभागीय लक्ष्य हासिल करना चुनौती बनता जा रहा है। कहा कि संगठन की मांग है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के साथ शिक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों के भविष्य से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित न हों। संगठन की यह भी अपील है कि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर शैक्षणिक कार्यों में ही लगाया जाए, जिससे नामांकन बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में शिक्षक जनगणना कार्य में व्यस्त हैं, जिसके कारण स्कूलों में बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं चल पा रही। उन्होंने कहा कि नए सत्र की शुरुआत में हर साल नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं।
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ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बच्चों का नामांकन कराने का अभियान धीमा पड़ गया है। कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते न तो नामांकन कार्य ठीक से हो पा रहा है और न ही अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो पा रही हैं। ऐसे में विभागीय लक्ष्य हासिल करना चुनौती बनता जा रहा है। कहा कि संगठन की मांग है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के साथ शिक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों के भविष्य से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित न हों। संगठन की यह भी अपील है कि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर शैक्षणिक कार्यों में ही लगाया जाए, जिससे नामांकन बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।
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