{"_id":"67035372f3d3991e1c0b57fb","slug":"adm-civil-supply-suspended-colluding-with-ration-mafia-in-agra-dpo-suspended-in-nutrition-distribution-scam-2024-10-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार का पुष्टाहार: एडीएम से लेकर डीपीओ तक का दामन दागदार, कइयों पर गिरी गाज; अब होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार का पुष्टाहार: एडीएम से लेकर डीपीओ तक का दामन दागदार, कइयों पर गिरी गाज; अब होगी जांच
Mon, 07 Oct 2024 08:50 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 07 Oct 2024 08:50 AM IST
सार
आगरा में राशन माफिया से साठगांठ के आरोप में एडीएम नागरिक आपूर्ति पर गाज गिर चुकी है। पुष्टाहार वितरण घोटाले में डीपीओ निलंबित किए गए हैं। दोनों अधिकारियों पर लगे आरोपों की जांच का जाएगी।
विज्ञापन
पुष्टाहार कालाबाजारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में विकास भवन से लेकर कलेक्ट्रेट तक अधिकारियों ने खूब किरकिरी कराई। एडीएम नागरिक आपूर्ति से लेकर डीपीओ तक का दामन दागदार निकला। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे दोनों अधिकारियों की जांच शुरू हो गई है। जहां एडीएम पर राशन माफिया से साठगांठ तो डीपीओ पर पुष्टाहार वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
विज्ञापन
जिले में राशन से लेकर पुष्टाहार तक की कालाबाजारी सामने आ चुकी है। कार्डधारकों को बांटे जाने वाले राशन का चावल खुले बाजारों में बिक रहा है। राशन माफिया संगठित ढंग से इसे आगरा से अन्य राज्यों में बेच रहा है। अवैध भंडारण व कालाबाजारी के आरोप में जहां एक तरफ राशन माफिया हेमेंद्र उर्फ गोपाल, सुमित अग्रवाल, मनीष आदि फरार हैं।
विज्ञापन
वहीं, पुष्टाहार वितरण घोटाले में आंगनबाड़ी की दाल व रिफाइंड खरीदकर बेचने वाले प्रवीण अग्रवाल से पुलिस उसके साथियों ने नाम नहीं उगलवा सकी। इस मामले में डीपीओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित 17 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निलंबित हो चुकी हैं।
विज्ञापन
एडीएम को हटाया जा चुका है। एडीएम की जांच के लिए शासन ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी एक सप्ताह में आगरा आएगी। एडीएम का अर्दली गौरव शर्मा भी निलंबित हुआ था। उस पर राशन माफिया के गुर्गों को संरक्षण देने का आरोप है।
इधर, डीपीओ पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए नामित मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी की है। पुष्टाहार वितरण में सामने आई खामियों को लेकर बिंदुवार जवाब मांगा है। जांच के बाद दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी।