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सूर सदन की सुविधाओं पर ध्यान नहीं, किराया बढ़ाने की तैयारी कर रहा एडीए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 26 Oct 2018 08:55 AM IST
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सार्वजनिक प्रेक्षागृह सूर सदन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एक मात्र सार्वजनिक प्रेक्षागृह सूर सदन की फीस बढ़ने जा रही है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सूरसदन के रखरखाव पर खर्च अधिक होता है और उसके मुताबिक आमदनी नहीं है।
2013 में निर्धारित हुई दरों के आधार पर ही फीस ली जाती है। अब 2018 में दोबारा फीस का निर्धारण विचार चल रहा है। लेकिन एडीए सूरसदन की दशा सुधारने की ओर ध्यान नहीं है। बरसात में हाल की छत से पानी टपकता है। एयर कंडीशनर कारगर नहीं है।
कुर्सियां आरामदायक नहीं है। साउंड सिस्टम को लेकर भी शिकायतें हैं। फाल सीलिंग टूट रही है। टायलेट की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। दो साल पहले ही मरम्मत के नाम पर करीब दो करोड़ खर्च किया जा चुका है लेकिन हाल की दशा नहीं सुधरी है।
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2013 में निर्धारित हुई दरों के आधार पर ही फीस ली जाती है। अब 2018 में दोबारा फीस का निर्धारण विचार चल रहा है। लेकिन एडीए सूरसदन की दशा सुधारने की ओर ध्यान नहीं है। बरसात में हाल की छत से पानी टपकता है। एयर कंडीशनर कारगर नहीं है।
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कुर्सियां आरामदायक नहीं है। साउंड सिस्टम को लेकर भी शिकायतें हैं। फाल सीलिंग टूट रही है। टायलेट की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। दो साल पहले ही मरम्मत के नाम पर करीब दो करोड़ खर्च किया जा चुका है लेकिन हाल की दशा नहीं सुधरी है।
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आमदनी और रखरखाव का जिम्मा एडीए का
सूर सदन प्रेक्षागृह का निर्माण नगर निगम ने कराया था। बाद में इसके संचालन के लिए आगरा विकास प्राधिकरण के हवाले कर दिया गया। विकास प्राधिकरण सूर सदन से होने वाली आमदनी और रखरखाव की व्यवस्था देखता है। प्रेक्षागृह में करीब एक हजार लोगों बैठने की व्यवस्था है। पहले हाल नान एसी था लेकिन करीब दस वर्ष पहले प्राधिकरण ने इसे वातानुकूलित बना दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि सूदसदन में कार्यक्रम के आधार पर अलग-अलग दरों से फीस ली जाती है। इसमें घंटों के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। एसी का चार्ज का अलग होता है। व्यवसायिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है।
लेकिन अब अधिकारियों को लग रहा है कि जो फीस प्राधिकरण वसूल कर रहा है वह पर्याप्त नहीं है। लिहाजा, पिछले दिनों मंडलायुक्त की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया था। मंडलायुक्त ने सचिव हरिराम को हाल जीर्णोद्धार कराने और फीस बढ़ोत्तरी का अंतिम प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सूदसदन में कार्यक्रम के आधार पर अलग-अलग दरों से फीस ली जाती है। इसमें घंटों के हिसाब से चार्ज लिया जाता है। एसी का चार्ज का अलग होता है। व्यवसायिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है।
लेकिन अब अधिकारियों को लग रहा है कि जो फीस प्राधिकरण वसूल कर रहा है वह पर्याप्त नहीं है। लिहाजा, पिछले दिनों मंडलायुक्त की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया था। मंडलायुक्त ने सचिव हरिराम को हाल जीर्णोद्धार कराने और फीस बढ़ोत्तरी का अंतिम प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं।