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जिपलाइन हादसा: जांच में दिखने लगा सच, सेफ्टी बेल्ट से कागजी फिटनेस तक झोल; पुलिस भी जुटा रही साक्ष्य
Fri, 29 May 2026 10:27 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 29 May 2026 10:27 AM IST
सार
आगरा के ताजनगरी फेज-2 चौपाटी में हुए जिपलाइन हादसे के बाद एडीए ने ईओडी एडवेंचर पार्क के अनुबंध निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरणों और फिटनेस प्रमाणपत्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द आएगी।
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आगरा चौपाटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के ताजनगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क की चौपाटी में स्पोर्ट्स एक्टिविटी का संचालन करने वाली कंपनी, ईओडी एडवेंचर पार्क का अनुबंध आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) निरस्त कर सकता है। जिपलाइन हादसे की प्रारंभिक जांच में एडीए को सेफ्टी बेल्ट से लेकर झूलों के फिटनेस प्रमाणपत्रों तक में झोल मिला है।
बीते रविवार को इसी चौपाटी में 45 फीट ऊंची जिपलाइन से गिरकर फिरोजाबाद निवासी 16 वर्षीय कुनाल की मौत हो गई थी। हादसे का मुख्य कारण जिपलाइन से जुड़ी सेफ्टी बेल्ट का पहनने के कुछ समय बाद अचानक लॉक खुल जाना माना जा रहा है। वर्तमान में, एक ओर जहां पुलिस इस मामले की जांच कर साक्ष्य जुटा रही है, वहीं दूसरी ओर एडीए की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
इस कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इसके अतिरिक्त, ईओडी कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। झूलों के फिटनेस प्रमाणपत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज को जांच के लिए जब्त किया गया। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि कंपनी की ओर से चौपाटी में 20 प्रकार के झूले लगाए गए थे। वर्तमान में इन सभी के फिटनेस प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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प्रथम दृष्टया कुछ प्रमाणपत्र संदिग्ध लग रहे हैं। सुरक्षा मानकों और अन्य अनापत्ति प्रमाणपत्रों (एनओसी) की भी जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं, विस्तृत जांच रिपोर्ट दो दिनों में प्राप्त हो जाएगी। पूरी रिपोर्ट के आधार पर ही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बीते रविवार को इसी चौपाटी में 45 फीट ऊंची जिपलाइन से गिरकर फिरोजाबाद निवासी 16 वर्षीय कुनाल की मौत हो गई थी। हादसे का मुख्य कारण जिपलाइन से जुड़ी सेफ्टी बेल्ट का पहनने के कुछ समय बाद अचानक लॉक खुल जाना माना जा रहा है। वर्तमान में, एक ओर जहां पुलिस इस मामले की जांच कर साक्ष्य जुटा रही है, वहीं दूसरी ओर एडीए की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
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इस कमेटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। इसके अतिरिक्त, ईओडी कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। झूलों के फिटनेस प्रमाणपत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज को जांच के लिए जब्त किया गया। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि कंपनी की ओर से चौपाटी में 20 प्रकार के झूले लगाए गए थे। वर्तमान में इन सभी के फिटनेस प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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प्रथम दृष्टया कुछ प्रमाणपत्र संदिग्ध लग रहे हैं। सुरक्षा मानकों और अन्य अनापत्ति प्रमाणपत्रों (एनओसी) की भी जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं, विस्तृत जांच रिपोर्ट दो दिनों में प्राप्त हो जाएगी। पूरी रिपोर्ट के आधार पर ही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।