फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Acts of JIJA and brother-in-law: Fake medicines worth crores spent in two years

जीजा-साले का कारनामा: दो साल में खपाईं करोड़ों की नकली दवाएं, पूछताछ में बताए हैं कई नाम

Mon, 18 Nov 2024 10:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 18 Nov 2024 10:25 AM IST
सार

आगरा के शास्त्रीपुरम में नकली दवा फैक्टरी के मामले में मुख्य आरोपी जीजा-साले से पूछताछ चल रही है। बताया गया है कि दो साल में दोनों ने करोड़ों की दवाएं खपा दीं। इतना ही नहीं इस मामले में कई अन्य के नाम भी बताए हैं।
 

विज्ञापन
Acts of JIJA and brother-in-law: Fake medicines worth crores spent in two years
नकली दवा फैक्टरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा। सिकंदरा में पकड़ी गईं पशुओं की नकली दवाओं की दो फैक्टरियां दो साल से संचालित हो रही थीं। आरोपी करोड़ों की नकली दवाएं बाजार में खपा चुके हैं। विदेश में भी डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से सप्लाई की गईं। पुलिस ने आरोपी संचालक जीजा अश्वनी और साले साैरभ से अलग-अलग पूछताछ की। उन्होंने कई नाम बताए हैं। पुलिस इनकी पड़ताल में लगी है।
विज्ञापन


12 नवंबर को सिकंदरा के लखनपुर में पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारा था। बंद मैरिज होम में अश्वनी गुप्ता, एक मकान में उसका साला साैरभ दुबे फैक्टरी चला रहा था। 3 दिन चली कार्रवाई में 4.50 करोड़ की दवाएं, मशीनरी और कच्चा माल जब्त किए गए। आरोपी अश्वनी गुप्ता, उसकी पत्नी निधि गुप्ता, साैरभ और कर्मचारी उस्मान को जेल भेजा गया।
विज्ञापन


थाना प्रभारी ने बताया कि दवाएं आगरा के अलावा कानपुर, इटावा, मैनपुरी सहित पंजाब, गुजरात, राजस्थान तक भेजी जा रही थीं। डिस्ट्रीब्यूटर्स मोबाइल पर ऑर्डर दिया करते थे। इसके बाद दवाओं की डिलीवरी की जाती थी। पहले से रकम ले ली जाती थी। बाकी रकम माल मिलने के बाद मिलती थी। आरोपी करोड़ों की दवाएं खपा चुके हैं। आरोपियों ने पूछताछ में डिस्ट्रीब्यूटर्स और सप्लायरों के नाम बताए हैं। धरपकड़ के लिए टीम लगी है। संचालकों के मोबाइल भी कब्जे में लिए हैं। इनका डाटा खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: इन तीन 'दरिंदों' ने बर्बाद की छात्रा की जिंदगी, कैफे में बारी-बारी से लूटी अस्मत...वो चीखती रही, नहीं आया रहम


कहां पहुंची दवाएं, नहीं चला पता
पशुओं की नकली दवाएं बाजार में सप्लाई हो रही थीं। पुलिस ने 4 दिन पहले छापा मारा था। अवैध धंधा तकरीबन 2 साल से चल रहा था। दोनों फैक्टरी से करोड़ों का माल बरामद किया गया। मगर, बाजार में सप्लाई माल कहां-कहां बिका यह अब तक पुलिस पता नहीं कर सकी है। बाजार में लगातार नकली दवाओं की बिक्री हो रही होगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed