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दुष्कर्म, मारपीट और दलित उत्पीड़न: सिपाही के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, फिर भी नहीं हुई गिरफ्तारी; जानें वजह

Fri, 11 Sep 2026 10:00 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 11 Sep 2026 10:00 AM IST
सार

दुष्कर्म, मारपीट और दलित उत्पीड़न के आरोपी सिपाही वीरेंद्र की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। अदालत ने गैर जमानती वारंट और धारा 82 की कार्रवाई के आदेश दिए हैं, वहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष का वेतन रोकने का आदेश भी हो चुका है।

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Accused Constable Still Not Arrested Despite Non-Bailable Warrant and Court Orders, Agra UP
सिपाही सांकेतिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पुलिस अपने ही विभाग के एक सिपाही वीरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई न करने पर कठघरे में है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने सिपाही के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और दलित उत्पीड़न मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने धारा 82 की कार्रवाई भी जारी कर रखी है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं कर सकी है। अदालत में अगली सुनवाई 22 सितंबर को है।
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पीड़िता ने 15 जुलाई, 2023 को थाना न्यू आगरा में तहरीर दी थी। उसने आरोप लगाया कि 20 अगस्त, 2021 को भाइयों के झगड़े के दौरान थाने में तैनात सिपाही वीरेंद्र से उसकी मुलाकात हुई। वीरेंद्र ने मदद के बहाने मोबाइल फोन नंबर लिया और दोस्ती का दबाव बनाया। उसने शादी का वादा कर 11 मई, 2021 को अपने घर बुलाया। वहां नशीला शीतल पेय पिलाकर शारीरिक शोषण किया।
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आरोपी ने अश्लील वीडियो दिखाकर जबरन वसूली करना शुरू कर दिया। 17 मार्च, 2022 को उसने फिर शारीरिक शोषण किया और शादी की बात पर पिटाई कर जाति सूचक शब्द कहे। वीरेंद्र वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग करने लगा।
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पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत पर थाना पुलिस ने पहले सुनवाई नहीं की। बाद में पुलिस आयुक्त के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। 23 मई 2026 को अदालत ने तत्कालीन थानाध्यक्ष न्यू आगरा का वेतन रोकने का आदेश भी दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने सिपाही वीरेंद्र को गिरफ्तार नहीं किया। पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर पुलिस पर आरोपी से मिले होने का आरोप लगाया है। अगली सुनवाई 22 सितंबर, 2026 को होगी।
 
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