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Agra News: हरियाली की बरात में दूल्हा बनेगा आम का पौधा, आंवला दुल्हन
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आगरा। वन विभाग की ओर से मंगलवार को बैंड-बाजे के साथ पौधों की बरात निकाली जाएगी, जिसमें दूल्हा आम का पौधा और दुल्हन आंवला को बनाया जाएगा। बरात धूमधाम के साथ रथ पर सुबह 7:30 बजे शिल्पग्राम से ताज नेचर वॉक तक निकाली जाएगी। इसके बाद अतिथि पौधरोपण करके हरियाली की मुहिम को धार देने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।
इस अनोखी बरात में आम, शीशम, नीम, नींबू, कचनार, अमरूद, अमलताश, महुआ और सहजन जैसे औषधीय और छायादार पौधों को बराती बनाया जाएगा। करीब 200 बच्चे इन पौधों को अपने हाथों में लेकर शिल्पग्राम से ताज नेचर वॉक तक यात्रा करेंगे। इस दौरान पूरा मार्ग हरियाली के संदेश और उत्सव के माहौल में रंगा रहेगा। आयोजन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पौधे भी जीवन का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जितना मनुष्य के रिश्ते और सामाजिक परंपराएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा दूल्हा और दुल्हन बने पौधों का विवाह प्रतीकात्मक रूप से संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद बरात में शामिल सभी अन्य पौधों को आमजन में निशुल्क वितरित किया जाएगा, ताकि उन्हें रोपित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि यह पहल पिछले कई वर्षों से लगातार की जा रही है और इसमें बच्चों की भागीदारी सबसे अहम रहती है। उन्होंने कहा कि रथ को विशेष रूप से सजाकर बारात में शामिल किया जाता है, जो इस पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र होता है। यह अनोखी पौधों की बरात न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक संदेश भी देगी।
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इस अनोखी बरात में आम, शीशम, नीम, नींबू, कचनार, अमरूद, अमलताश, महुआ और सहजन जैसे औषधीय और छायादार पौधों को बराती बनाया जाएगा। करीब 200 बच्चे इन पौधों को अपने हाथों में लेकर शिल्पग्राम से ताज नेचर वॉक तक यात्रा करेंगे। इस दौरान पूरा मार्ग हरियाली के संदेश और उत्सव के माहौल में रंगा रहेगा। आयोजन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पौधे भी जीवन का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जितना मनुष्य के रिश्ते और सामाजिक परंपराएं।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा दूल्हा और दुल्हन बने पौधों का विवाह प्रतीकात्मक रूप से संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद बरात में शामिल सभी अन्य पौधों को आमजन में निशुल्क वितरित किया जाएगा, ताकि उन्हें रोपित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि यह पहल पिछले कई वर्षों से लगातार की जा रही है और इसमें बच्चों की भागीदारी सबसे अहम रहती है। उन्होंने कहा कि रथ को विशेष रूप से सजाकर बारात में शामिल किया जाता है, जो इस पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र होता है। यह अनोखी पौधों की बरात न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक संदेश भी देगी।
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