{"_id":"5aca260e4f1c1b646b8b462c","slug":"a-farmer-died-by-heart-attack-in-mainpuri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी के मैनपुरी में मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसान की हार्ट अटैक से मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी के मैनपुरी में मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसान की हार्ट अटैक से मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:48 PM IST
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मृत किसान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कर्ज लेकर सात बीघा खेत में बोई गई गेहूं की फसल को आवारा जानवरों ने बर्बाद कर दिया। नुकसान की पूर्ति के लिए किसान ने अफसरों के आगे गुहार लगाई, लेकिन सरकारी मदद हासिल नहीं हो सका।
इससे सदमे के चलते किसान की हृदय गति रुक गई, जिससे मौत हो गई। मैनपुरी जिले के बेवर के गांव प्रेमपुर नगला देवी निवासी धनीराम (55) ने करीब तीन महीने पहले ग्रामीणों से 19 हजार रुपये कर्ज लेकर सात बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी।
फसल बोने के बाद मुनाफा और होने वाली आय से कर्ज चुकाने के लिए दिन रात मेहनत और फसल की देखरेख की। करीब बीस दिन पूर्व आवारा पशुओं ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। फसल तबाह हो जाने के बाद धनीराम बेहद परेशान हो गया था।
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नुकसान और कर्ज चुकाने की चिंता उसे खाए जा रही थी। खेती से ही परिवार का पेट भरने का इंतजाम होता था, वहीं घरेलू पशुओं के लिए चारा आदि का इंतजाम भी मुश्किल हे गया था। चिंताग्रस्त किसान रविवार की सुबह करीब चार बजे खेतों की ओर गया।
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इससे सदमे के चलते किसान की हृदय गति रुक गई, जिससे मौत हो गई। मैनपुरी जिले के बेवर के गांव प्रेमपुर नगला देवी निवासी धनीराम (55) ने करीब तीन महीने पहले ग्रामीणों से 19 हजार रुपये कर्ज लेकर सात बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी।
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फसल बोने के बाद मुनाफा और होने वाली आय से कर्ज चुकाने के लिए दिन रात मेहनत और फसल की देखरेख की। करीब बीस दिन पूर्व आवारा पशुओं ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। फसल तबाह हो जाने के बाद धनीराम बेहद परेशान हो गया था।
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नुकसान और कर्ज चुकाने की चिंता उसे खाए जा रही थी। खेती से ही परिवार का पेट भरने का इंतजाम होता था, वहीं घरेलू पशुओं के लिए चारा आदि का इंतजाम भी मुश्किल हे गया था। चिंताग्रस्त किसान रविवार की सुबह करीब चार बजे खेतों की ओर गया।
किसान के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
वहां उसके सीने में तेज दर्द हुआ और वहीं गिर गया। आसपास खेतों में रखवाली कर रहे ग्रामीण जब तक वहां पहुंचे तब तक धनीराम की सांसें थम चुकी थीं।
जानकारी होने के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। पत्नी शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
किसान धनीराम ने तीन अप्रैल को संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम से बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
धनीराम को कर्ज अदा करने व परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही थी। वह गांव के लोगों से भी हमेशा फसल बर्बादी को लेकर ही बात करता रहता था।
जानकारी होने के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। पत्नी शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।
किसान धनीराम ने तीन अप्रैल को संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम से बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
धनीराम को कर्ज अदा करने व परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही थी। वह गांव के लोगों से भी हमेशा फसल बर्बादी को लेकर ही बात करता रहता था।