{"_id":"5b4cd56b4f1c1b27618b4fd1","slug":"a-child-dies-after-stuck-in-the-throat-of-vicks-toffee-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दर्दनाक हादसा: विक्स की टॉफी ने ली ढाई साल के बच्चे की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्दनाक हादसा: विक्स की टॉफी ने ली ढाई साल के बच्चे की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Updated Mon, 16 Jul 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी से एक दर्दनाक खबर आई है। ढाई साल के बच्चे को विक्स की टॉफी खाना भारी पड़ गया। बच्चे की विक्स की टॉफी गले में फंस जाने से जान चली गई।
घटना उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की है। थाना मांट मूला निवासी एक ढाई वर्षीय बालक की विक्स की टॉफी गले में फंस जाने से जान चली गई। परिवारीजनों ने बालक को वृंदावन के सौ शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया लेकिन चिकित्सक उसे बचाने में नाकाम साबित रहे।
मांट मूला निवासी सुखवीर का ढाई वर्षीय पुत्र ध्रुव सोमवार सुबह विक्स की टॉफी खा रहा था। अचानक से टॉफी उसके गले में फंस गई। आनन फानन में बालक ध्रुव को लेकर उसका पिता सुखवीर सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय पहुंचा।
विज्ञापन
घटना उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की है। थाना मांट मूला निवासी एक ढाई वर्षीय बालक की विक्स की टॉफी गले में फंस जाने से जान चली गई। परिवारीजनों ने बालक को वृंदावन के सौ शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया लेकिन चिकित्सक उसे बचाने में नाकाम साबित रहे।
मांट मूला निवासी सुखवीर का ढाई वर्षीय पुत्र ध्रुव सोमवार सुबह विक्स की टॉफी खा रहा था। अचानक से टॉफी उसके गले में फंस गई। आनन फानन में बालक ध्रुव को लेकर उसका पिता सुखवीर सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय पहुंचा।
विज्ञापन
जहां चिकित्सक गले में फंसी टॉफी को निकालने का प्रयास कर रहे थे लेकिन सांस रुक जाने के चलते ध्रुव की मौत हो गई। मौत के बाद बच्चे का पिता उसके शव को एंबुलेंस से ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
यहां तक की पीड़ित पिता ने 108 नंबर पर भी फोन लगाया। इसके बावजूद भी एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंची। थक हारकर पिता ध्रुव के शव को किराए के वाहन से घर ले गया।
वहीं, सीएमएस डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि जिस डॉक्टर ने बालक को देखा था, उनका कहना है कि बच्चा मृत आया था।
यहां तक की पीड़ित पिता ने 108 नंबर पर भी फोन लगाया। इसके बावजूद भी एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंची। थक हारकर पिता ध्रुव के शव को किराए के वाहन से घर ले गया।
वहीं, सीएमएस डॉ. केके गुप्ता का कहना है कि जिस डॉक्टर ने बालक को देखा था, उनका कहना है कि बच्चा मृत आया था।