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सिर पर बोझ, कमर पर बच्चा और बस के लिए दौड़
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कासगंज में बस स्टेंड पर अपने बच्चों के साथ वाहन के इंतजार करते यात्री ।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। दिवाली पर परिवहन निगम की अव्यवस्थाओं को झेलते हुए किसी तरह घर आए लोग अब वापस लौट रहे हैं। भाईदूज के बाद से लगातार वापसी हो रही है। मंगलवार को भी बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। परिवहन निगम के इंतजाम बौने नजर आए। सिर पर बोझ लिए यात्री बसों की तरफ दौड़ते नजर आए।
रोडवेज बस अड्डे पर दोपहर 1:50 बजे जैसे ही दिल्ली जाने के लिए परिवहन निगम की एक बस लगी यात्री बस की ओर दौड़ पड़े। किसी के सिर पर बोझा था और गोद में बच्चा। महिलाएं जिन्हें न गिरने की चिंता थी और न ही सामान के बिखरने की बस चिंता थी तो बस में सवार होने की। यहां एक युवक सिर पर गल्ले की बोरी रखे बस के इंतजार में खड़ा था वहीं उसकी पत्नी दोनों हाथों से बच्चे पकड़े थी।
वहीं एक अन्य महिला गोद में बच्चा लिए दिल्ली की ओर जाने वाली बस के इंतजार में परेशान थी। एक महिला बस की खिड़की से अपने बच्चे को अंदर की ओर धकेलती नजर आई। वहीं लोग खिड़की के शीशे खोलकर सामान बस के अंदर फेंक रहे थे। भीड़ का आलम पूरे ही दिन बस अड्डे पर बना रहा। दो से तीन घंटे तक यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ा।
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यात्रियों को गंतव्य तक भेजने के लिए बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों की भीड़ का दबाव अधिक है। जिस मार्ग पर भीड़ अधिक निकल रही है। उस मार्ग पर बसों को भेजकर यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। बृजेश कुमार, संचालन प्रभारी
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रोडवेज बस अड्डे पर दोपहर 1:50 बजे जैसे ही दिल्ली जाने के लिए परिवहन निगम की एक बस लगी यात्री बस की ओर दौड़ पड़े। किसी के सिर पर बोझा था और गोद में बच्चा। महिलाएं जिन्हें न गिरने की चिंता थी और न ही सामान के बिखरने की बस चिंता थी तो बस में सवार होने की। यहां एक युवक सिर पर गल्ले की बोरी रखे बस के इंतजार में खड़ा था वहीं उसकी पत्नी दोनों हाथों से बच्चे पकड़े थी।
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वहीं एक अन्य महिला गोद में बच्चा लिए दिल्ली की ओर जाने वाली बस के इंतजार में परेशान थी। एक महिला बस की खिड़की से अपने बच्चे को अंदर की ओर धकेलती नजर आई। वहीं लोग खिड़की के शीशे खोलकर सामान बस के अंदर फेंक रहे थे। भीड़ का आलम पूरे ही दिन बस अड्डे पर बना रहा। दो से तीन घंटे तक यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ा।
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यात्रियों को गंतव्य तक भेजने के लिए बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों की भीड़ का दबाव अधिक है। जिस मार्ग पर भीड़ अधिक निकल रही है। उस मार्ग पर बसों को भेजकर यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। बृजेश कुमार, संचालन प्रभारी