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पर्यावरण की अनदेखी से बढ़ी प्राकृतिक आपदाएं
Agra
Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
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आगरा। पर्यावरण से बेरुखी के चलते प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। किस तरह प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम की जाए, इस मुद्दे पर ईशान कालेज ऑफ इंजीनियरिंग, फरह में आयोजित दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस ऑन नेचुरल हेजार्ड्स एंड मिटिगेशन पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। बुधवार को समापन सत्र में विशेषज्ञों ने सुझाव रखे।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डा. एचएन श्रीवास्तव ने लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के डायरेक्टर डा. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने माइक्रो डिजास्टर्स को नजरअंदाज करने से होने वाली परेशानियों पर प्रकाश डाला। शिवाजी यूनिवर्सिटी कोल्हापुर के प्रो. एएल शर्मा ने भूकंपीय अध्ययनों के बारे में जानकारी दी। आरबीएस कालेज बिचपुरी के प्रो. ओपी सिंह, जीएलए विवि, मथुरा के डा. राजपाल सिंह, डा. विशाल चौहान सहित अन्य वैज्ञानिकों ने शोध पत्र प्रस्तुत किये। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के डा. वीजी कोल्वान्कर ने बताया कि कांफ्रेेंस में आठ सत्रों में 35 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। ईशान कालेज के डायरेक्टर प्रो. जी श्रीवास्तव, समिति के चेयरमैन संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डा. एचएन श्रीवास्तव ने लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के डायरेक्टर डा. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने माइक्रो डिजास्टर्स को नजरअंदाज करने से होने वाली परेशानियों पर प्रकाश डाला। शिवाजी यूनिवर्सिटी कोल्हापुर के प्रो. एएल शर्मा ने भूकंपीय अध्ययनों के बारे में जानकारी दी। आरबीएस कालेज बिचपुरी के प्रो. ओपी सिंह, जीएलए विवि, मथुरा के डा. राजपाल सिंह, डा. विशाल चौहान सहित अन्य वैज्ञानिकों ने शोध पत्र प्रस्तुत किये। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के डा. वीजी कोल्वान्कर ने बताया कि कांफ्रेेंस में आठ सत्रों में 35 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। ईशान कालेज के डायरेक्टर प्रो. जी श्रीवास्तव, समिति के चेयरमैन संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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