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निगम की अनुमति में फंसी 30 करोड़ की पेयजल योजना
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मथुरा। 30 करोड़ की लागत से शुरू होने वाली पाइप लाइन बिछाने तथा कनेक्शन देने की योजना नगर निगम की अनुमति न मिलने से अटक गई है। जल निगम द्वारा इस योजना के तहत धौलीप्याऊ और मानस नगर में अंडर ग्राउंड टैंक तथा टंकी तैयार की जानी थी। नगर निगम द्वारा अनुमति न दिए जाने के चलते इसका कार्य रोक दिया गया है।
30 करोड़ की लागत से शासन की अमृत योजना के तहत धौलीप्याऊ और मानस नगर में करीब 75 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन तथा पानी की टंकी और जमीनी टैंक तैयार किए जाने थे। कार्यदायी संस्था जल निगम को इन पाइप लाइनों से कनेक्शन भी दिए जाने थे। जल निगम ने धौलीप्याऊ में सेंट पॉल स्कूल के पास पार्क में काम प्रारंभ कर दिया था।
महोली रोड पर उसे कोई पार्क नहीं मिल पा रहा था और जो मिल रहा था उस पर स्थानीय नागरिकों ने विरोध किया। जल निगम ने किसी प्रकार से कृष्णा विहार के पार्क में काम कराना प्रारंभ भी कर दिया परंतु अब दोनों स्थानों पर नगर निगम द्वारा कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जल निगम द्वारा मांगी गई अनुमति को नगर निगम ने शासन को भेज दिया है।
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इससे अब यह कार्य और कुछ दिन तक नहीं हो पाएगा। जल निगम के परियोजना अभियंता आरपी यादव ने बताया नगर निगम द्वारा अनुमति देने के बाद ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा। उधर नगर आयुक्त समीर वर्मा ने बताया है कि उनके द्वारा यह अनुमति शासन को भेजी गई है। जल निगम को काम प्रारंभ करने से पहले ही नगर निगम से अनुमति लेनी चाहिए थी।
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30 करोड़ की लागत से शासन की अमृत योजना के तहत धौलीप्याऊ और मानस नगर में करीब 75 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन तथा पानी की टंकी और जमीनी टैंक तैयार किए जाने थे। कार्यदायी संस्था जल निगम को इन पाइप लाइनों से कनेक्शन भी दिए जाने थे। जल निगम ने धौलीप्याऊ में सेंट पॉल स्कूल के पास पार्क में काम प्रारंभ कर दिया था।
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महोली रोड पर उसे कोई पार्क नहीं मिल पा रहा था और जो मिल रहा था उस पर स्थानीय नागरिकों ने विरोध किया। जल निगम ने किसी प्रकार से कृष्णा विहार के पार्क में काम कराना प्रारंभ भी कर दिया परंतु अब दोनों स्थानों पर नगर निगम द्वारा कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जल निगम द्वारा मांगी गई अनुमति को नगर निगम ने शासन को भेज दिया है।
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इससे अब यह कार्य और कुछ दिन तक नहीं हो पाएगा। जल निगम के परियोजना अभियंता आरपी यादव ने बताया नगर निगम द्वारा अनुमति देने के बाद ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा। उधर नगर आयुक्त समीर वर्मा ने बताया है कि उनके द्वारा यह अनुमति शासन को भेजी गई है। जल निगम को काम प्रारंभ करने से पहले ही नगर निगम से अनुमति लेनी चाहिए थी।