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न समय से डॉक्टर आते हैं और न ही मिलता है सही उपचार
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बर्न वार्ड में मरीज परेशान
- फोटो : demo
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में बर्न वार्ड की व्यवस्थाएं राम भरोसे हैं। यहां न तो समय से डॉक्टर आते हैं और न ही मरीजों को उचित उपचार मिल रहा है। इससे अधिकतर मरीज दूसरे या निजी अस्ताल की ओर मुख कर लेते हैं। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में मंगलवार को तीन मरीज भर्ती थे। सोमवार की सुबह तक किसी डॉक्टर ने उन्हें नहीं देखा था।
स्टाफ नर्स उनका हाल चाल जानने के लिए पहुंची और दो बजे अपनी ड्यूटी के साथ विदा हो गईं। इन मरीजों के जीवन के साथ अस्पताल में खिलवाड़ किया जा रहा है। मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों का कहना था कि उपचार के नाम पर खानापूरी की जा रही है। वे लोग ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि अपने मरीज को दूसरी जगह ले जा सकें। यहां तो कई बार कहने के बाद ही डॉक्टर देखने के लिए आता है।
दो बजे के बाद स्टाफ नर्स की भी हो जाती है छुट्टी
मैनपुरी। जिला अस्पताल में बर्न वार्ड स्टाफ रूम से 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। वार्ड में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ही दवा आदि वितरण के लिए स्टाफ की तैनाती रहती है। इसके बाद बर्न वार्ड के मरीजों की देख रेख राम भरोसे रह जाती है। यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो अंदर बने स्टाफ रूम में तीमारदार को स्टाफ को बुलाने के लिए जाना पड़ता है।
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नहीं है वातानुकूलित वार्ड
मैनपुरी। बर्न वार्ड को पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में किसी के आने जाने पर कोई रोक नहीं है। बर्न वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होना चाहिए लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिखता है। एसी तो लगी है लेकिन उसकी उचित देखभाल आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे यहां के मरीज घर की तरह से रह रहे हैं।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि सभी चिकित्सकों को सुबह-शाम मरीजों की देखभाल के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सक सुबह-शाम वार्डों में भ्रमण भी करते हैं। बर्न वार्ड से कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी जांच कराई जाएगी।
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स्टाफ नर्स उनका हाल चाल जानने के लिए पहुंची और दो बजे अपनी ड्यूटी के साथ विदा हो गईं। इन मरीजों के जीवन के साथ अस्पताल में खिलवाड़ किया जा रहा है। मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों का कहना था कि उपचार के नाम पर खानापूरी की जा रही है। वे लोग ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि अपने मरीज को दूसरी जगह ले जा सकें। यहां तो कई बार कहने के बाद ही डॉक्टर देखने के लिए आता है।
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दो बजे के बाद स्टाफ नर्स की भी हो जाती है छुट्टी
मैनपुरी। जिला अस्पताल में बर्न वार्ड स्टाफ रूम से 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। वार्ड में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ही दवा आदि वितरण के लिए स्टाफ की तैनाती रहती है। इसके बाद बर्न वार्ड के मरीजों की देख रेख राम भरोसे रह जाती है। यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो अंदर बने स्टाफ रूम में तीमारदार को स्टाफ को बुलाने के लिए जाना पड़ता है।
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नहीं है वातानुकूलित वार्ड
मैनपुरी। बर्न वार्ड को पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में किसी के आने जाने पर कोई रोक नहीं है। बर्न वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होना चाहिए लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिखता है। एसी तो लगी है लेकिन उसकी उचित देखभाल आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे यहां के मरीज घर की तरह से रह रहे हैं।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि सभी चिकित्सकों को सुबह-शाम मरीजों की देखभाल के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सक सुबह-शाम वार्डों में भ्रमण भी करते हैं। बर्न वार्ड से कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी जांच कराई जाएगी।