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नए साल में खूब बजेंगी शहनाइयां
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कासगंज। विवाह आयोजन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए नए साल में अच्छी खबर है। इस साल में 88 शुभ विवाह मुहूर्त पड़ रहे हैं। इसके साथ ही बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, देवोत्थान एकादशी पर भी विवाह होंगे। मात्र चतुर्मास में ही शादी समारोह बाधित होंगे।
वर्ष 2019 युवाओं के लिए खुशियां लेकर आया है। इस साल काफी अच्छे शुभ विवाह मुहूर्त पड़ रहे हैं। 14 जनवरी को खरमास की बाधा समाप्त हो जाएगी। इसी के साथ 15 जनवरी से विवाह आयोजन शुरू हो जाएंगे। इसके बाद से 7 जुलाई तक अच्छे विवाह मुहूर्त रहेंगे। इस अवधि में 66 विवाह मुहूर्त हैं। इसके बाद 9 जुलाई से शुक्र अस्त हो जाएगा, जबकि 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चतुर्मास लग जाएंगे।
जो सात नवंबर को समाप्त होंगे। इस अवधि में विवाह आयोजन बाधित हो जाएंगे। इसके बाद आठ नवंबर को देवोत्थान एकादशी से फिर से विवाह आयोजन शुरू हो जाएंगे। जो बिना किसी बाधा के 12 दिसबंर तक चलेंगे। इस अवधि में 22 शुभ विवाह मुहूर्त होंगे। 14 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाने पर विवाह आयोजन बंद हो जाएंगे। वर्ष 2018 की अपेक्षा इस वर्ष तीन गुने अधिक विवाह मुहर्त पड़ रहे हैं।
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इतने अधिक विवाह मुहूर्त पड़ने से साल भर साहलगी सीजन काफी अच्छा रहेगा। इसका लाभ साहलगी कारोबार से जुड़े मैरिज होम, सराफा, कपड़ा, बैंड बाजा, बरी पूजा आदि के सामान सहित प्रत्येक कारोबारी को मिलेगा।
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वर्ष 2019 युवाओं के लिए खुशियां लेकर आया है। इस साल काफी अच्छे शुभ विवाह मुहूर्त पड़ रहे हैं। 14 जनवरी को खरमास की बाधा समाप्त हो जाएगी। इसी के साथ 15 जनवरी से विवाह आयोजन शुरू हो जाएंगे। इसके बाद से 7 जुलाई तक अच्छे विवाह मुहूर्त रहेंगे। इस अवधि में 66 विवाह मुहूर्त हैं। इसके बाद 9 जुलाई से शुक्र अस्त हो जाएगा, जबकि 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चतुर्मास लग जाएंगे।
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जो सात नवंबर को समाप्त होंगे। इस अवधि में विवाह आयोजन बाधित हो जाएंगे। इसके बाद आठ नवंबर को देवोत्थान एकादशी से फिर से विवाह आयोजन शुरू हो जाएंगे। जो बिना किसी बाधा के 12 दिसबंर तक चलेंगे। इस अवधि में 22 शुभ विवाह मुहूर्त होंगे। 14 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाने पर विवाह आयोजन बंद हो जाएंगे। वर्ष 2018 की अपेक्षा इस वर्ष तीन गुने अधिक विवाह मुहर्त पड़ रहे हैं।
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इतने अधिक विवाह मुहूर्त पड़ने से साल भर साहलगी सीजन काफी अच्छा रहेगा। इसका लाभ साहलगी कारोबार से जुड़े मैरिज होम, सराफा, कपड़ा, बैंड बाजा, बरी पूजा आदि के सामान सहित प्रत्येक कारोबारी को मिलेगा।