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हैंडपंप के नाम परग्राम प्रधान ने गबन किया
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:33 PM IST
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मतवार में खराब पड़ा हैंडपंप
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एटा। जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सहोरी मेें ग्राम प्रधान ने कागजों पर हैंडपंप लगवा दिए। जांच में गबन की पुष्टि होने पर नोटिस जारी किए गए है। हालांकि अब तक प्रधान ने नोटिस का आज तक कोई जवाब नहीं दिया है। मामले में डीएम ने फाइल तलब की है।
जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सहोरी में ग्राम प्रधान ने कागजों में दो हैंडपंप लगवा दिए। मामले की शिकायत डीएम से की गई, तो उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम को जांच सौंप दी। जांच अधिकारी ने दो हैंडपंपों के नाम पर 60 हजार रुपये के गबन की पुष्टि की। इसके बाद डीपीआरओ कार्यालय से प्रधान को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। विभाग तीन रिमाइंडर देकर जवाब तलब कर चुका है, लेकिन प्रधान की ओर से कोई रुचि नहीं ली है। अब मामले फाइल डीएम ने तलब की है। इसके बाद प्रधान के अधिकार सीज करने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि डीएम की ओर से ग्राम पंचायत में बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की संस्तुति भी की गई है।
नोटिस देकर पूरा हो जाता है कोरम
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में अब तक 80 ग्राम पंचायतों में जांच चल रही है। हालांकि जांच केवल कागजों में सीमित है। ग्राम पंचायतों में अभिलेख तक नहीं है। जिला पंचायतराज विभाग महज नोटिस देकर कोरम पूरा कर लेता है।
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बिना वर्क आइडी निकाला जा रहा धन
जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में बिना वर्क आइडी जारी कराए धन निकाला जा रहा है। पिछले साल भी ऐसे मामले सामने आए। इन मामलों में सचिवों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई। अधिकारियों ने वसूली करके मामलों को दबा दिया।
जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सहोरी में हैंडपंप के नाम पर खेल सामने आया था। मामले में प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। अब डीएम के पास फाइल भेजी जा रही है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
853 राजस्व गांव हैं जिले में
80 ग्राम पंचायतों की चल रही जांच
60 हजार रुपये का प्रधान ने किया गबन
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जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सहोरी में ग्राम प्रधान ने कागजों में दो हैंडपंप लगवा दिए। मामले की शिकायत डीएम से की गई, तो उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम को जांच सौंप दी। जांच अधिकारी ने दो हैंडपंपों के नाम पर 60 हजार रुपये के गबन की पुष्टि की। इसके बाद डीपीआरओ कार्यालय से प्रधान को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। विभाग तीन रिमाइंडर देकर जवाब तलब कर चुका है, लेकिन प्रधान की ओर से कोई रुचि नहीं ली है। अब मामले फाइल डीएम ने तलब की है। इसके बाद प्रधान के अधिकार सीज करने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि डीएम की ओर से ग्राम पंचायत में बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की संस्तुति भी की गई है।
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नोटिस देकर पूरा हो जाता है कोरम
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में अब तक 80 ग्राम पंचायतों में जांच चल रही है। हालांकि जांच केवल कागजों में सीमित है। ग्राम पंचायतों में अभिलेख तक नहीं है। जिला पंचायतराज विभाग महज नोटिस देकर कोरम पूरा कर लेता है।
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बिना वर्क आइडी निकाला जा रहा धन
जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में बिना वर्क आइडी जारी कराए धन निकाला जा रहा है। पिछले साल भी ऐसे मामले सामने आए। इन मामलों में सचिवों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हुई। अधिकारियों ने वसूली करके मामलों को दबा दिया।
जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सहोरी में हैंडपंप के नाम पर खेल सामने आया था। मामले में प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। अब डीएम के पास फाइल भेजी जा रही है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
853 राजस्व गांव हैं जिले में
80 ग्राम पंचायतों की चल रही जांच
60 हजार रुपये का प्रधान ने किया गबन