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सिर्फ 124 कर्मियों ने ही लगाई ऑनलाइन हाजिरी
Updated Wed, 01 Aug 2018 06:28 PM IST
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मैनपुरी। जिले में एप के माध्यम से दर्ज की जाने वाली ऑनलाइन उपस्थिति और कार्य के ब्योरे के मामले में जिले के अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने शासन के आदेशों और नियमों को भी हवा में उड़ा रखा है। आलम यह है कि एक माह का समय गुजर जाने के बाद भी अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन हाजिरी और लोकेशन का डाटा अपलोड नहीं कर रहे हैं। बुधवार को 2013 पंजीकृत में से मात्र 124 अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई।
जिले में ई-निरीक्षण आगरा जोन एप के माध्यम से उपस्थिति और कार्य ब्योरा देने की नई पहल की शुरुआत की गई थी। 25 जून इस प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरे जिले में लागू कर दिया गया। इसमें सभी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों के फोन नंबर पहले से ही जोड़ दिए गए थे। एक महीना गुजर जाने के बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। एक महीना गुजर जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 124 ही हो सकी। पहले दिन से एक महीने में मात्र 26 अधिकारियों की बढ़ोतरी इस बात को साबित कर रही है।
25 जून से एप के माध्यम से डाटा दर्ज नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन रोके जाने के आदेश थे। गौर करने वाली बात है कि अभी तक किसी भी अधिकारी और कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहले दिन 25 जून को ही इसमें शिथिलता बरती थी। पहले दिन पूरे जिले में सिर्फ 98 अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
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जिले में ई-निरीक्षण आगरा जोन एप के माध्यम से उपस्थिति और कार्य ब्योरा देने की नई पहल की शुरुआत की गई थी। 25 जून इस प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरे जिले में लागू कर दिया गया। इसमें सभी प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों के फोन नंबर पहले से ही जोड़ दिए गए थे। एक महीना गुजर जाने के बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। एक महीना गुजर जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 124 ही हो सकी। पहले दिन से एक महीने में मात्र 26 अधिकारियों की बढ़ोतरी इस बात को साबित कर रही है।
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25 जून से एप के माध्यम से डाटा दर्ज नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन रोके जाने के आदेश थे। गौर करने वाली बात है कि अभी तक किसी भी अधिकारी और कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहले दिन 25 जून को ही इसमें शिथिलता बरती थी। पहले दिन पूरे जिले में सिर्फ 98 अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
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