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रेलवे, आगरा कैनाल पुल जर्जर
Updated Wed, 18 Apr 2018 08:09 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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कोसीकलां (मथुरा)। शेरगढ़ रोड़ पर पचास से अधिक गांवों को जोड़ने वाला रेलवे एवं आगरा कैनाल ओवर ब्रिज जर्जर हालत में है। पुल के नीचे के हिस्से से ईटें गिर रही हैं, तो ऊपर एक-एक फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं।
1873 में निर्मित इस पुलों का कार्यकाल 45 वर्ष पहले समाप्त हो चुका है। परंतु रेलवे, सिंचाई विभाग व पीडब्लूडी इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया है। कोसी-शेरगढ़ मार्ग के निर्माण होते ही पुल से 20 से 100 टन के भार वाले वाहन गुजर रहे।
यह पुल राजस्थान एवं कोसी क्षेत्र को यमुना पुल से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग है। अलीगढ़, खैर, टप्पल, बुलंदशहर आदि स्थानों का यातायात भी इन्हीं पुलों के जरिए रहता है। इस सड़क पर प्रतिदिन करीब 2 से 3 हजार छोटे बडे वाहन गुजरते हैं। पुल पर हर समय जाम लगा रहता है। जिससे नगर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहता है।
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कई बार पुल पर वाहन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। कई बार वाहन नहर व रेलवे लाइन पर गिरने से बचे हैं। गत दिवस एक स्कूल बच्चों से भरी बस पुल से उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, वहीं एक ट्रैक्टर पुल पर चढ़ते समय साइड में गिर गया था। पुलों की दुर्दशा के बारे में प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
1873 में हुआ था पुलों का निर्माण
कोसीकलां। दोनों पुलों का निर्माण सन 1873 में अंग्रेजों की सरकार ने कराया था। पुलों की म्याद 100 वर्ष निर्धारित की गई थी, जो कि 45 वर्ष पूर्व समाप्त हो चुकी है।
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1873 में निर्मित इस पुलों का कार्यकाल 45 वर्ष पहले समाप्त हो चुका है। परंतु रेलवे, सिंचाई विभाग व पीडब्लूडी इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया है। कोसी-शेरगढ़ मार्ग के निर्माण होते ही पुल से 20 से 100 टन के भार वाले वाहन गुजर रहे।
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यह पुल राजस्थान एवं कोसी क्षेत्र को यमुना पुल से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग है। अलीगढ़, खैर, टप्पल, बुलंदशहर आदि स्थानों का यातायात भी इन्हीं पुलों के जरिए रहता है। इस सड़क पर प्रतिदिन करीब 2 से 3 हजार छोटे बडे वाहन गुजरते हैं। पुल पर हर समय जाम लगा रहता है। जिससे नगर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहता है।
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कई बार पुल पर वाहन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। कई बार वाहन नहर व रेलवे लाइन पर गिरने से बचे हैं। गत दिवस एक स्कूल बच्चों से भरी बस पुल से उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, वहीं एक ट्रैक्टर पुल पर चढ़ते समय साइड में गिर गया था। पुलों की दुर्दशा के बारे में प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
1873 में हुआ था पुलों का निर्माण
कोसीकलां। दोनों पुलों का निर्माण सन 1873 में अंग्रेजों की सरकार ने कराया था। पुलों की म्याद 100 वर्ष निर्धारित की गई थी, जो कि 45 वर्ष पूर्व समाप्त हो चुकी है।