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रेलवे को भी निजी हाथों में सौंपना चाहती है सरकार: बसंत
Updated Wed, 28 Mar 2018 07:56 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और एआईआरएफ के जोनल सेक्रेट्री बसंत चतुर्वेदी व मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने पर उतारू है। रेलवे की शाखाओं के काम को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। इसके विरोध में रेलकर्मियों को बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।
कैंट रेलवे स्टेशन मजदूर यूनियन कार्यालय पर बसंत चतुर्वेदी और कामरान अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2004 से पेंशन खत्म कर दी है, वहीं रेल कर्मियों से आठ की जगह 12 से 14 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके बाद भी केंद्र सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया है।
रेलवे कोच की सफाई, एसी कोच के बैड रोल, मेंटीनेंस काम सहित अन्य शाखाओं के काम निजी हाथों में सौंप दिए हैं। यह कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है। कहा कि 13 मार्च को दिल्ली में किए प्रदर्शन के बाद रेल कर्मियों की मांगों पर अमल नहीं किया। यदि मांगें नहीं मानी गई तो रेल कर्मी बड़ी लड़ाई लडे़ंगे और हड़ताल करेंगे। वार्ता के दौरान नूतन प्रकाश, हरीश कुमार भारती, ओमप्रकाश, भूदेव यादव, सुरेश, विपिन कुमार सारस्वत, राजेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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कैंट रेलवे स्टेशन मजदूर यूनियन कार्यालय पर बसंत चतुर्वेदी और कामरान अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2004 से पेंशन खत्म कर दी है, वहीं रेल कर्मियों से आठ की जगह 12 से 14 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके बाद भी केंद्र सरकार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया है।
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रेलवे कोच की सफाई, एसी कोच के बैड रोल, मेंटीनेंस काम सहित अन्य शाखाओं के काम निजी हाथों में सौंप दिए हैं। यह कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है। कहा कि 13 मार्च को दिल्ली में किए प्रदर्शन के बाद रेल कर्मियों की मांगों पर अमल नहीं किया। यदि मांगें नहीं मानी गई तो रेल कर्मी बड़ी लड़ाई लडे़ंगे और हड़ताल करेंगे। वार्ता के दौरान नूतन प्रकाश, हरीश कुमार भारती, ओमप्रकाश, भूदेव यादव, सुरेश, विपिन कुमार सारस्वत, राजेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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