फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   सेहत में नहीं सुधार, सात छात्राएं फिर हुईं बीमार

सेहत में नहीं सुधार, सात छात्राएं फिर हुईं बीमार

Fri, 23 Mar 2018 11:27 PM IST
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:27 PM IST
विज्ञापन
सेहत में नहीं सुधार, सात छात्राएं फिर हुईं बीमार
सेहत में नहीं सुधार, सात छात्राएं फिर हुईं बीमार - फोटो : अमर उजाला
अवागढ़। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं की सेहत बिगड़ने का सिलसिला थम नहीं रहा। शुक्रवार को सात छात्राओं की तबीयत फिर बिगड़ गई। अवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं छात्राओं की सेहत में सुधार नहीं होने पर स्कूल स्टाफ ने विद्यालय की छुट्टी कर छात्राओं को घर भेज दिया। वहीं प्रशासन अब तक छात्राओं की सेहत को लेकर बेफिक्र है। ऐसे में आए दिन छात्राओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है, जबकि कार्रवाइयां अधर में लटकी हैं।
विज्ञापन

कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 16 मार्च को 55 छात्राओं को दूषित खाने से फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई थी। इसके बाद चार छात्राओं को आगरा रेफर किया गया। इसके बाद प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी। मगर छात्राओं की सेहत को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद चार और फिर तीन छात्राओं की सेहत बिगड़ गई। वहीं शुक्रवार को सात छात्राओं को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। स्कूल में परीक्षा देने के दौरान छात्रा नीतू पुत्री राजेंद्र निवासी मंडपुरा, प्रतिभा पुत्री दयाशंकर निवासी मीसांखुर्द, रुचि पुत्री विजयपाल निवासी मंडपुरा, सीमा पुत्री उदयवीर निवासी मेहनीकलां, दीक्षा पुत्री इंद्रपाल निवासी नगला भजा, वंदना पुत्री संजय निवासी यादव नगर अवागढ़, शिवानी पुत्री जयपाल निवासी गदनपुर को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। छात्राओं को अवागढ़ पीएचसी पर भर्ती कराया गया। जहां से डाक्टरों ने छात्राओं को एटा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि छात्राओं को सुबह नाश्ते में पोहा और चाय दी गई थी। छात्राओं की लगातार सेहत बिगड़ने से स्कूल की अन्य छात्राओं में दहशत है। शुक्रवार को परीक्षाएं खत्म होने के बाद स्कूल स्टाफ ने छात्राओं के परिजनों को सूचना देने के बाद विद्यालय का अवकाश कर दिया। वहीं मामले में अब तक प्रशासन दोषियों की खोज नहीं कर सका है। साथ ही स्कूल स्टाफ पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में छात्राओं की सेहत के साथ खिलवाड़ जारी है।
विज्ञापन


महज 43 छात्राओं ने दी परीक्षा
शुक्रवार को विद्यालय में पंजीकृत 100 छात्राओं में से महज 43 छात्राओं ने वार्षिक परीक्षा में भाग लिया। आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं में इस कदर दहशत है कि वे विद्यालय नहीं पहुंच रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed